सिरोही | स्थानीय सगरवंशी माली समाज के आराध्य देव श्री भागिरथेश्वर महादेव के प्रतिष्ठा महोत्सव को 50 साल पूरे होने पर स्वर्ण जयंती महामहोत्सव का भव्य आगाज़ हो गया है। शहर में भक्ति का माहौल है और आज से चार दिवसीय मुख्य समारोह की शुरुआत बड़े ही उत्साह के साथ की जा रही है।
सिरोही: 50वा स्वर्ण जयंती महोत्सव- सांझी प्रसंग सम्पन्न-आज से चार दिवसीय महामहोत्सव
सिरोही में भागिरथेश्वर महादेव मंदिर के 50 वर्ष पूरे होने पर चार दिवसीय भव्य आयोजन शुरू।
HIGHLIGHTS
- सगरवंशी माली समाज के आराध्य देव भागिरथेश्वर महादेव मंदिर की प्रतिष्ठा के 50 वर्ष पूर्ण होने पर स्वर्ण जयंती महोत्सव शुरू।
- 28 अप्रैल से 1 मई तक चार दिनों तक चलेंगे विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, कलश यात्रा और भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- 'सांझी प्रसंग' के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों से गाजे-बाजे के साथ मंदिर पहुंचीं महिलाएं, हल्दी की रस्म में दिखा भारी उत्साह।
- विशाल पांडाल और आकर्षक लाइट डेकोरेशन के साथ महाप्रसादी का होगा आयोजन, युवाओं ने संभाली व्यवस्थाओं की कमान।
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सांझी प्रसंग के साथ उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
समाज के पूर्व सचिव सुरेश सगरवंशी ने बताया कि 24 अप्रैल से ही माता-बहनें मांगलिक गीतों और ढोल-बाजे के साथ हल्दी (सांझी) लाने की रस्म निभा रही हैं। भगवान के सोने-चांदी के आभूषणों, पोशाक और श्रृंगार सामग्री के साथ महिलाएं नाचते-गाते मंदिर पहुँच रही हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। शाहजी की बाड़ी, टांकरिया, महाकाली नगर और सम्पूर्णनन्द कॉलोनी से प्रमुखों के नेतृत्व में भव्य सांझी यात्राएं मंदिर परिसर पहुंचीं। समाज की कमेटी ने अध्यक्ष बाबूलाल सगरवंशी की उपस्थिति में सभी का स्वागत किया और मेहंदी व गुड़ भेंट कर पुरानी परंपरा का निर्वाह किया। 
चार दिनों तक होंगे भव्य धार्मिक आयोजन
महोत्सव के लिए समाज की भूमि पर एक विराट पांडाल बनाया गया है, जहाँ नियमित भोजन प्रसादी और भजन संध्या का आयोजन होगा। मंदिर को आकर्षक विद्युत सज्जा और फूलों के मंडप से सजाया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 
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"समाज के युवा और वरिष्ठ सदस्य मिलकर इस स्वर्ण जयंती को ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरे जोश के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।" - सुरेश सगरवंशी
28 अप्रैल से 1 मई तक चलने वाले इस उत्सव में कलश यात्रा, शोभायात्रा और महाप्रसादी का विशेष आयोजन रखा गया है। अतिथि सम्मान, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं ताकि व्यवस्थाएं सुचारू रहें।
युवाओं ने संभाली महोत्सव की कमान
सचिव गिरीश सगरवंशी के अनुसार, दिनेश कुमार, हरीश, शंकरलाल, चंद्रदेव और पार्षद अनिल सहित दर्जनों युवा आवास और भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जितेंद्र, रामचन्द्र, राजेन्द्र और कमल कुमार जैसे कार्यकर्ता दिन-रात इस आयोजन को दिव्य और भव्य बनाने में जुटे हुए हैं। यह स्वर्ण जयंती महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज की एकता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। सिरोही के इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होने के लिए दूर-दराज से समाज के लोग बड़ी संख्या में पहुँच रहे हैं।
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