राजनीति

ऋतु जैन बनीं सिरोही सभापति: सिरोही सभापति चुनाव: ऋतु जैन ने 30 वोट लेकर दर्ज की जीत, भाजपा खेमे में क्रॉस वोटिंग

गणपत सिंह मांडोली · 21 सितम्बर 2026, 12:55 दोपहर
सिरोही नगर परिषद सभापति चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी ऋतु जैन ने 30 मत हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा प्रत्याशी पूजा माली को पांच वोट मिले। कांग्रेस के 23 पार्षद और दो निर्दलीय होने के कारण परिणाम के आंकड़ों से भाजपा खेमे के पांच मत कांग्रेस प्रत्याशी को मिल गए हैं।

सिरोही | सिरोही नगर परिषद के सभापति चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी ऋतु जैन ने बड़ी जीत दर्ज की है। सोमवार को हुए मतदान में ऋतु जैन को 30 मत मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी पूजा माली पांच मतों पर सिमट गईं। ऋतु जैन ने 25 मतों के अंतर से चुनाव जीतकर नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड बना दिया।

चुनाव परिणाम के आंकड़ों ने भाजपा खेमे में संभावित क्रॉस वोटिंग की चर्चा तेज कर दी है। नगर परिषद के कुल 35 पार्षदों में कांग्रेस के 23, भाजपा के 10 और दो निर्दलीय पार्षद हैं। कांग्रेस प्रत्याशी को मिले 30 मतों के आधार पर माना जा रहा है कि कांग्रेस के सभी पार्षदों और दोनों निर्दलीयों के अतिरिक्त भाजपा खेमे से भी पांच मत उनके पक्ष में गए। हालांकि मतदान गोपनीय होने के कारण किसी व्यक्तिगत पार्षद के नाम सहित मतदान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती।

ऋतु जैन को 30 और पूजा माली को पांच वोट

सभापति चुनाव का परिणाम घोषित होते ही कांग्रेस खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। ऋतु जैन के समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए जीत का जश्न मनाया। कांग्रेस नेताओं ने परिणाम को सिरोही की जनता के जनादेश की जीत बताया।

भाजपा के पास 10 पार्षद होने के बावजूद उसकी अधिकृत प्रत्याशी पूजा माली को केवल पांच मत मिले। वहीं कांग्रेस के पास 23 पार्षद होने के बाद भी ऋतु जैन के मतों की संख्या 30 तक पहुंच गई। इसी अंतर के कारण भाजपा के पांच पार्षदों की संभावित क्रॉस वोटिंग राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बन गई है।

नामांकन पर आपत्ति के बाद भी मैदान में बनी रहीं ऋतु जैन

सभापति चुनाव से पहले ऋतु जैन के नामांकन को लेकर भी राजनीतिक और कानूनी विवाद हुआ था। भाजपा की ओर से उनके नामांकन पर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। कांग्रेस की कानूनी टीम ने रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष इन आपत्तियों का जवाब प्रस्तुत किया था।

दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध दस्तावेजों पर विचार करने के बाद रिटर्निंग अधिकारी ने ऋतु जैन का नामांकन कायम रखा था। इसके बाद ऋतु जैन और भाजपा की पूजा माली सभापति पद के चुनाव मैदान में बनी रहीं।

14 सितंबर को ही जनता ने दे दिया था जनादेश: लोढ़ा

चुनाव परिणाम के बाद पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सिरोही की जनता ने 14 सितंबर को ही अपना जनादेश दे दिया था और अब वही जनादेश सभापति चुनाव के परिणाम तक पहुंचा है।

भाजपा खेमे से संभावित क्रॉस वोटिंग के सवाल पर लोढ़ा ने इसे भाजपा की रणनीतिक विफलता बताया। उन्होंने कहा, ‘यह भाजपा की रणनीतिक विफलता है। इन्होंने शुरुआत से ही चुनाव को मिसहैंडल किया।’

उम्मीदवार चयन को लेकर भाजपा पर उठाए सवाल

संयम लोढ़ा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावी प्रक्रिया के शुरुआती चरण में ही एक व्यक्ति विशेष को सभापति पद का दावेदार घोषित कर दिया था। उनके अनुसार इस निर्णय के कारण भाजपा के भीतर असंतोष पैदा हुआ, जो पार्षद चुनाव और सभापति पद के मतदान तक बना रहा।

लोढ़ा ने भाजपा के उम्मीदवार चयन और स्थानीय रणनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की ओर से विवादों से जुड़े लोगों को चुनावी चेहरा बनाने के कारण संगठन में नाराजगी बढ़ी। लोढ़ा के इन आरोपों पर भाजपा की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

सिरोही पुलिस पर भी साधा निशाना

सभापति चुनाव की प्रक्रिया के दौरान पुलिस और प्रशासन की व्यवस्थाओं से जुड़े सवाल पर संयम लोढ़ा ने सिरोही पुलिस के कामकाज पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अपने मूल दायित्वों के निर्वहन के बजाय भाजपा नेताओं को विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने में लगी है।

लोढ़ा ने एक राज्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि निर्धारित नियमों में एस्कॉर्ट की सुविधा नहीं होने के बावजूद उनके शहर में आने पर आगे और पीछे पुलिस के वाहन लगाए जाते हैं।

उन्होंने शहर में चोरी और नशीले पदार्थों के कथित कारोबार का मुद्दा उठाते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल किए। लोढ़ा ने एक विद्यालय में शिक्षक द्वारा बच्चे की कथित पिटाई के मामले का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के कारण अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। ये सभी आरोप संयम लोढ़ा द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित मामलों में पुलिस, प्रशासन और भाजपा का पक्ष सामने आना बाकी है।

नगर परिषद की संपत्तियों का संरक्षण प्राथमिकता

नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड बनने के बाद शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े सवाल पर संयम लोढ़ा ने कहा कि नए बोर्ड की प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं। नगर परिषद की जमीन, धार्मिक संपत्तियों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण किया जाएगा।

लोढ़ा ने कहा, ‘हमारा बोर्ड काम करेगा। यह जो धर्म संपदा है, सार्वजनिक संपदा है और नगर परिषद की भूमि है, उसका संरक्षण करने का काम बोर्ड करेगा।’

उन्होंने शहर की नागरिक सुविधाओं में सुधार करने और आम लोगों की समस्याओं को कम करने की दिशा में काम करने की बात भी कही। नए बोर्ड के सामने अब इन घोषणाओं को धरातल पर लागू करने की चुनौती होगी।

शिवगंज पर बोले—अदृश्य शक्तियों से मदद की उम्मीद

सिरोही में कांग्रेस का बोर्ड बनने के बाद संयम लोढ़ा से शिवगंज नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव के समीकरणों पर भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा, ‘मैंने पहले भी आपसे निवेदन किया था कि हमें अदृश्य शक्तियों से मदद की उम्मीद है और उसी के सहारे हम इंतजार कर रहे हैं।’

हालांकि लोढ़ा ने अपने बयान में कथित अदृश्य शक्तियों से जुड़े किसी व्यक्ति अथवा समूह का नाम नहीं बताया। उनके बयान के बाद शिवगंज के राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

नए बोर्ड के सामने विकास की चुनौती

सिरोही नगर परिषद के 35 वार्डों में कांग्रेस ने 23 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। भाजपा को 10 और निर्दलीयों को दो सीटें मिली थीं। अब ऋतु जैन के सभापति बनने के साथ नगर परिषद में कांग्रेस के नए बोर्ड का कार्यकाल शुरू होगा।

शहर की सड़कें, सफाई व्यवस्था, नगर परिषद की जमीन, सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण और बुनियादी नागरिक सुविधाएं नए बोर्ड के सामने प्रमुख मुद्दे रहेंगे। वहीं भाजपा के लिए अपने पांच मत कम होने के संभावित कारणों और संगठन के भीतर उठ रहे सवालों से निपटना बड़ी चुनौती होगा।

मतदान गोपनीय होने के कारण क्रॉस वोटिंग करने वाले पार्षदों की व्यक्तिगत पहचान आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है। भाजपा संगठन और उसके पार्षदों की प्रतिक्रिया के बाद ही इस राजनीतिक घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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