सिरोही | राजस्थान के सिरोही जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ अनादरा थाना क्षेत्र के होलागरा गांव के पास एक केमिकल से भरे टैंकर में अचानक भीषण आग लग गई।
आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते पूरा टैंकर आग के गोले में तब्दील हो गया। आसमान में उठते धुएं के गुब्बारों को देखकर स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब टैंकर अनादरा से सिरोही की ओर जा रहा था। रास्ते में अचानक टैंकर से लपटें निकलने लगीं और स्थिति बेकाबू हो गई।
चालक और खलासी की बची जान
टैंकर में आग लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में सबसे राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई है।
जैसे ही टैंकर के केबिन से धुआं निकलना शुरू हुआ, चालक और खलासी ने तुरंत खतरे को भांप लिया। उन्होंने बिना देरी किए टैंकर से बाहर छलांग लगा दी।
दोनों सुरक्षित बताए जा रहे हैं। अगर वे कुछ सेकंड की भी देरी करते, तो स्थिति काफी भयावह हो सकती थी। टैंकर में मौजूद केमिकल के कारण आग ने तेजी पकड़ी।
हाइवे पर थमी रफ्तार
आग की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कड़े कदम उठाए। पुलिस ने एहतियातन हाईवे के दोनों तरफ के यातायात को पूरी तरह से बंद कर दिया।
केमिकल टैंकर होने के कारण विस्फोट का खतरा बना हुआ था। पुलिस ने वाहनों को काफी पीछे ही रोक दिया ताकि किसी राहगीर को कोई नुकसान न पहुंचे।
इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राहगीर और स्थानीय लोग दूर से ही टैंकर को जलते हुए देखते रहे।
पुलिस और दमकल की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही अनादरा पुलिस की टीम दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले इलाके की घेराबंदी की और भीड़ को हटाया।
दमकल विभाग को भी तुरंत सूचित किया गया। केमिकल की आग होने के कारण इसे बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पानी के साथ-साथ फोम का भी इस्तेमाल किया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता स्थिति को नियंत्रित करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। फिलहाल आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं।
आग के कारणों की जांच
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि टैंकर में आग किस वजह से लगी। शुरुआती कयासों में इसे तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट से जोड़कर देखा जा रहा है।
पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। टैंकर मालिक और कंपनी से संपर्क साधा जा रहा है ताकि केमिकल की प्रकृति और सुरक्षा मानकों की जांच की जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि आग इतनी तेज थी कि उसकी तपिश काफी दूर तक महसूस की जा रही थी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घटनास्थल के पास न जाएं।
सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल
केमिकल टैंकरों में आग लगने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसे में इन वाहनों के सुरक्षा मानकों को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं।
क्या टैंकर में आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण मौजूद थे? क्या चालक को आपातकालीन स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग दी गई थी? इन सभी पहलुओं पर जांच की जाएगी।
फिलहाल, हाईवे पर यातायात बहाल करने की कोशिशें की जा रही हैं। पुलिस ने क्रेन और अन्य मशीनों को भी बुलाया है ताकि जले हुए टैंकर को सड़क से हटाया जा सके।