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सिरोही में सियासी बाड़ेबंदी: रणकपुर में भाजपा-कांग्रेस का डेरा, नतीजों से पहले रिसॉर्ट पॉलिटिक्स

गणपत सिंह मांडोली · 12 सितम्बर 2026, 12:35 रात
सिरोही में मतदान खत्म होते ही भाजपा और कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों को सुरक्षित रखने की कवायद तेज कर दी है। दोनों दलों द्वारा रणकपुर के आसपास बाड़ेबंदी की चर्चा है।

सिरोही | निकाय चुनाव का मतदान खत्म होते ही अब सियासत का अगला दौर शुरू हो गया है। ईवीएम में प्रत्याशियों का भाग्य बंद है, लेकिन राजनीतिक दलों के लिए असली गणित अभी खुला हुआ है।

बहुमत के आंकड़े और संभावित सेंधमारी को देखते हुए भाजपा और कांग्रेस दोनों के स्तर पर प्रत्याशियों को सुरक्षित रखने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

कांग्रेस का ‘सियासी डेरा’ 65 KM दूर

चर्चा है कि कांग्रेस के सिरोही नगर परिषद के प्रत्याशियों को शहर से करीब 65 किलोमीटर दूर एक बड़े रिसॉर्ट में ठहराया गया है। इसे नतीजों से पहले एकजुटता बनाए रखने की कवायद माना जा रहा है।

ThinQ 360 के कैमरे में कैद एक्सक्लूसिव वीडियो में कांग्रेस प्रत्याशियों से जुड़े काफिले की आवाजाही दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि काफिला एक बड़े रिसॉर्ट तक पहुंचा।

हालांकि, प्रत्याशियों के वहां ठहरने की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल किसी भी स्तर पर नहीं हुई है।

टोल प्लाजा पर दिखी हलचल

इसी बीच सिरोही टोल के पास पानी की करीब 12 बोतलों का कैरेट लेकर एक वाहन वापस शिवगंज की ओर जाता नजर आया। इस आवाजाही को भी बाड़ेबंदी से जोड़कर सियासी चर्चाएं शुरू हो गईं।

हालांकि, सिर्फ इस वाहन की आवाजाही के आधार पर किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचना संभव नहीं है।

रणकपुर में भाजपा की बाड़ेबंदी की चर्चा

दूसरी ओर भाजपा के प्रत्याशियों को भी सिरोही से बाहर ले जाकर रणकपुर क्षेत्र के आसपास रखे जाने की चर्चाएं हैं।

राजनीतिक गलियारों में इसे परिणाम तक प्रत्याशियों को एकजुट रखने और संभावित सेंधमारी से बचाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

मतदान के बाद कुछ निर्दलीय प्रत्याशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने की चर्चाएं हैं।

कार्यालयों में समर्थकों का जमावड़ा

इधर भाजपा और कांग्रेस कार्यालयों में समर्थकों की आवाजाही बनी हुई है। प्रत्याशी और उनके समर्थक वार्डवार मतदान प्रतिशत, संभावित वोट और जीत-हार के आंकड़ों का हिसाब लगाने में जुटे हैं।

सभी अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, लेकिन असली फैसला तो ईवीएम खुलने के बाद ही होगा।

14 सितंबर को खुलेगा ईवीएम का राज

सिरोही नगर परिषद में किस दल को बहुमत मिलेगा और किसके सिर बोर्ड का ताज सजेगा, इसका फैसला 14 सितंबर को मतगणना के बाद होगा।

फिलहाल ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम में हैं, प्रत्याशियों की धड़कनें तेज हैं और राजनीतिक दलों की निगाहें एक-एक वोट के गणित पर टिकी हैं। नतीजों से पहले बाड़ेबंदी का यह दौर बताता है कि सिरोही में असली सियासी मुकाबला अब मतदान केंद्रों से निकलकर बोर्ड बनाने की रणनीति तक पहुंच चुका है।

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