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सिरोही: जुआ कांड में बड़ी कार्रवाई: सिरोही जुआ कांड: एसपी ने कांस्टेबल को किया बर्खास्त

गणपत सिंह मांडोली · 05 मई 2026, 07:57 शाम
रेवदर में पूर्व विधायक के खेत पर जुआ पकड़ने के मामले में सिपाही पर गिरी गाज।

सिरोही | राजस्थान के सिरोही जिले के रेवदर क्षेत्र में चर्चित जुआ कांड में पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस और अपराधियों के बीच मिलीभगत सामने आने के बाद एक कांस्टेबल को बर्खास्त कर दिया गया है।

एसपी पुष्पेंद्र सिंह की सख्त कार्रवाई

सिरोही एसपी पुष्पेंद्र सिंह ने अनुशासनहीनता और अपराधियों को संरक्षण देने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कांस्टेबल प्रभुराम कोली को तत्काल प्रभाव से पुलिस सेवा से बर्खास्त करने के आदेश जारी किए हैं।

यह कार्रवाई दिसंबर महीने में रेवदर क्षेत्र के एक खेत पर हुई छापेमारी के बाद की गई है। जांच में पाया गया कि कांस्टेबल प्रभुराम कोली की इस अवैध गतिविधि में संदिग्ध भूमिका और अपराधियों से मिलीभगत थी।

पुलिस विभाग की इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है। एसपी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अवैध गतिविधियों में लिप्त किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। इससे विभाग की छवि सुधारने की कोशिश की जा रही है।

पूर्व विधायक के खेत पर चल रहा था खेल

जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला रेवदर क्षेत्र के पूर्व विधायक जगसीराम कोली के खेत से जुड़ा है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर वहां दबिश दी थी, जहां बड़े स्तर पर ऑनलाइन जुआ खेला जा रहा था।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई थीं। आरोप था कि यह जुआ घर लंबे समय से संचालित था।

जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि स्थानीय पुलिस के कुछ कर्मियों की जानकारी में यह सब चल रहा था। इसके बाद कांस्टेबल प्रभुराम के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई थी, जो अब बर्खास्तगी तक पहुंची है।

खाकी और रसूखदारों का संदिग्ध गठजोड़

इस मामले की गूंज अब पुलिस मुख्यालय और सियासी गलियारों तक पहुंच चुकी है। जिले में चर्चा है कि यह मामला सिर्फ जुए तक सीमित नहीं है। इसके पीछे कई प्रभावशाली चेहरे सक्रिय बताए जा रहे हैं।

पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और अपराधियों से सांठगांठ करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। हर संदिग्ध पहलू की गहराई से जांच की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, एक स्थानीय नेता और शराब कारोबारी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस मुख्यालय ने इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। कॉल डिटेल्स खंगालने पर कई और नाम सामने आ सकते हैं।

राजनीतिक हलकों में मचा हड़कंप

रेवदर का यह मामला अब भाजपा प्रदेश मुख्यालय तक भी पहुंच गया है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा आम है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा में भी गूंज सकता है। विपक्ष इस पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

फिलहाल, पुलिस की जांच अभी जारी है। एसपी पुष्पेंद्र सिंह की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि कानून सबके लिए बराबर है। अब देखना होगा कि जांच की आंच किन अन्य बड़े चेहरों तक पहुंचती है।

यह कार्रवाई सिरोही पुलिस के मनोबल को बढ़ाने वाली मानी जा रही है। आम जनता में भी पुलिस की कार्यप्रणाली के प्रति विश्वास बढ़ा है। आने वाले समय में कुछ और गिरफ्तारियां और निलंबन संभव हैं।

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