सिरोही | राजस्थान के सिरोही जिले में ठगी का एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां कालन्द्री थाना क्षेत्र के सिलदर गांव के एक युवक को हवाला नेटवर्क के जरिए पैसे भेजने के नाम पर लाखों का चूना लगा दिया गया। ठगों ने बड़ी ही चालाकी से दिल्ली और मध्य प्रदेश के शहरों का जाल बुना और युवक की मेहनत की कमाई हड़प ली।
हवाला के नाम पर 2 लाख की ठगी: सिरोही में हवाला के नाम पर लाखों की ठगी: दिल्ली में दिए पैसे, इंदौर में नहीं मिले, जालसाजों ने ऐसे बिछाया जाल
सिरोही के सिलदर गांव में एक युवक से हवाला के नाम पर 2 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने दिल्ली में पैसे लेकर इंदौर में भुगतान का झांसा दिया था।
HIGHLIGHTS
- सिरोही के सिलदर निवासी हेमंत कुमार लोहार से 2 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई।
- जालसाज ने परिचित बनकर कॉल किया और देवास में कैटरिंग काम का बहाना बनाया।
- दिल्ली में एजेंट को नकदी दी गई, लेकिन इंदौर में पैसे जमा नहीं कराए गए।
- कालन्द्री थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर अंतरराज्यीय गिरोह की तलाश शुरू की।
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पीड़ित हेमंत कुमार लोहार ने पुलिस को बताया कि यह पूरा खेल एक फोन कॉल से शुरू हुआ। 15 अप्रैल को उसे एक अनजान नंबर से कॉल आया, जिसने खुद को उसका परिचित प्रतापराम माली बताया। कॉल करने वाले ने इतनी आत्मीयता से बात की कि हेमंत को उस पर जरा भी शक नहीं हुआ।
झूठे भरोसे और फर्जी पहचान की कहानी
कॉल करने वाले ठग ने दावा किया कि उसने मध्य प्रदेश के देवास में कैटरिंग का एक बड़ा काम लिया है। उसने कहा कि उसे दिल्ली में तुरंत 2 लाख रुपये की जरूरत है। उसने हेमंत को भरोसा दिलाया कि अगर वह दिल्ली में किसी व्यक्ति को पैसे दे देता है, तो वह उतनी ही रकम इंदौर में उसके खाते या परिचित के पास जमा करवा देगा।
हेमंत उसकी बातों में आ गया और उसने इस लेन-देन के लिए नितिन कोठारी नाम के एक व्यक्ति के माध्यम से संपर्क साधा। तय योजना के अनुसार, दिल्ली में बताए गए एक स्थान पर एक एजेंट को 2 लाख रुपये नकद सौंप दिए गए। पैसे देने के बाद हेमंत को लगा कि उसका काम हो गया है और अब इंदौर में पैसे मिल जाएंगे।
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दिल्ली में लेन-देन और गायब हुए ठग
पैसे देने के काफी समय बाद तक जब इंदौर में रकम जमा नहीं हुई, तो हेमंत को चिंता होने लगी। उसने बार-बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन सामने वाली पार्टी टालमटोल करने लगी। अंत में पीड़ित को पता चला कि जिस प्रतापराम माली के नाम पर उससे बात की गई थी, वह असल में कोई और था।
जालसाजों ने फर्जी पहचान बताकर उसे अपने जाल में फंसाया था। नितिन कोठारी ने भी बाद में पुष्टि की कि जिस पार्टी को पैसे दिए गए थे, उनका फोन अब बंद आ रहा है और उन्होंने इंदौर में कोई पैसा जमा नहीं कराया है। इसके बाद पीड़ित ने ठगी का एहसास होने पर कालन्द्री थाने में शिकायत दर्ज कराई।
हवाला नेटवर्क और पुलिस की जांच
इस पूरे मामले में हवाला कारोबार की संदिग्ध भूमिका सामने आ रही है। देवास, इंदौर और दिल्ली के बीच बिना किसी औपचारिक बैंकिंग रिकॉर्ड के यह लेन-देन किया जा रहा था। सिरोही से लेकर दिल्ली तक फैले इस नेटवर्क ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस अब उन एजेंट्स की तलाश कर रही है जिन्होंने दिल्ली में पैसा रिसीव किया था। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अनजान कॉल्स और बिना किसी पुख्ता दस्तावेज के बड़े लेन-देन से बचना चाहिए। फिलहाल आरोपियों के मोबाइल लोकेशन और नेटवर्क को ट्रेस किया जा रहा है ताकि इस गिरोह का पर्दाफाश हो सके।
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