सिरोही | राजस्थान के सिरोही जिले में एक छात्रावास में बच्चों के यौन शोषण का एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक या दो नहीं, बल्कि छह बच्चों के साथ कथित यौन शोषण का आरोप लगा है, जिसके बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
इस मामले के उजागर होने के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) और बाल कल्याण समिति (CWC) की एक संयुक्त टीम ने शुक्रवार को छात्रावास का औचक निरीक्षण किया।
जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे
जांच के दौरान टीम को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं, जिसने छात्रावास प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ी बात यह सामने आई कि यह छात्रावास बिना किसी वैध पंजीकरण के संचालित हो रहा था। यह नियमों का सीधा उल्लंघन है।
ईमेल से मिली थी पहली शिकायत
मामले का खुलासा तब हुआ जब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव को ईमेल के जरिए एक छात्र के साथ यौन शोषण की शिकायत मिली। इस शिकायत पर जब प्रारंभिक जांच की गई, तो परतें खुलती चली गईं। जांच में पता चला कि पीड़ित केवल एक नहीं, बल्कि छह बच्चे हैं।
आरोपों के अनुसार, जब एक पीड़ित छात्र को इलाज के लिए सिरोही जिला अस्पताल ले जाया गया, तो छात्रावास प्रबंधन ने इस घटना को दबाने और छिपाने का पूरा प्रयास किया था।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
मामले की गंभीरता को देखते हुए, जांच टीम ने छात्रावास से दो कंप्यूटर जब्त कर लिए हैं और उन्हें आगे की जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया है। इसके अलावा, पिछले एक सप्ताह के सीसीटीवी फुटेज को भी जांच के दायरे में लिया गया है ताकि सबूत जुटाए जा सकें।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रतन बाफना और सदस्य प्रताप सिंह की ओर से इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है।
उच्च स्तरीय निगरानी में जांच
पुलिस प्रशासन ने इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किशोर सिंह ने डीएसपी मुकेश चौधरी और थाना अधिकारी कैलाश दान को व्यक्तिगत रूप से जांच की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना बच्चों की सुरक्षा पर एक गंभीर सवाल खड़ा करती है। प्रशासन की जांच और पुलिस की कार्रवाई से ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है और बच्चों के साथ हुए इस कथित अपराध के पीछे कौन जिम्मेदार है। समाज को इस मामले में न्याय का इंतजार है।
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