राजस्थान

गोदाम की आड़ में शराब का खेल!: हाईवे किनारे धड़ल्ले से बिक्री, आबकारी विभाग की चुप्पी पर सवाल

गणपत सिंह मांडोली · 19 अगस्त 2026, 02:50 दोपहर
सिरोही में हाईवे किनारे गोदाम की आड़ में धड़ल्ले से शराब बेची जा रही है। स्थानीय लोगों ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

सिरोही। जिले में शराब ठेकों के संचालन को लेकर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सिरोही के टनल के पास, हाईवे से आबूरोड-गुजरात की ओर जाने वाले मार्ग पर एक गोदाम को कथित रूप से शराब की दुकान के रूप में संचालित किए जाने का मामला सामने आया है।

आरोप है कि गोदाम की आड़ में अंग्रेजी शराब की बिक्री की जा रही है और ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए बाकायदा अंग्रेजी शराब का बोर्ड और साइन बोर्ड भी लगाया गया है।

गोदाम बना दुकान, दुकान बनी कमाई का अड्डा!

स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस स्थान को गोदाम के रूप में स्थापित किया गया था, वहां अब दुकान की तरह शराब की बिक्री की जा रही है। हाईवे से गुजरने वाले वाहनों की आवाजाही को देखते हुए यहां शराब की बिक्री का कथित कारोबार देर रात तक चलता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या संबंधित विभाग को इस गतिविधि की जानकारी नहीं है?

शराब बेचने के साथ पिलाने का भी इंतजाम?

मामला केवल शराब बिक्री तक सीमित नहीं होने के आरोप हैं। बताया जा रहा है कि गोदाम के आसपास ही लोगों के बैठकर शराब पीने की व्यवस्था भी की गई है। इससे देर रात तक यहां लोगों की भीड़ जुटने की बात सामने आ रही है। यदि यह सब बिना वैध अनुमति हो रहा है तो यह आबकारी नियमों की निगरानी और पालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

हाईवे किनारे शराबियों का जमावड़ा, सुरक्षा पर भी सवाल । 

हाईवे किनारे शराब की बिक्री और कथित रूप से बैठाकर शराब पिलाने की गतिविधि से सड़क सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। शराब सेवन के बाद लोग सीधे हाईवे पर निकलते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। देर रात शराब पीकर होने वाले विवाद और झगड़ों की आशंका भी बनी रहती है।

आबकारी विभाग की नजर क्यों नहीं?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि यह गतिविधियां लंबे समय से चल रही हैं तो संबंधित आबकारी अधिकारियों और पुलिस की नजर यहां क्यों नहीं पहुंची? क्या विभाग को इसकी जानकारी नहीं है या फिर जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही?

स्थानीय लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर मौके का निरीक्षण किया जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। 

इस प्रकार कोई दुकान चल रही हैं, तो कार्रवाही की जाएगी। -गजेंद्र सिंह, जिला आबकारी अधिकारी, सिरोही

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