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सिरोही में सियासी घमासान: माउंट आबू में BJP का खेल बिगाड़ेंगे निर्दलीय? भाजपा को बहुमत पर भितरघात का डर

गणपत सिंह मांडोली · 15 सितम्बर 2026, 05:38 शाम
सिरोही जिले के 6 नगर निकायों में चेयरमैन पद को लेकर खींचतान जारी है। माउंट आबू में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला है, लेकिन जातीय समीकरण और भितरघात का खतरा मंडरा रहा है।

सिरोही | जिले के नगर पालिका चुनाव परिणामों के बाद अब असली सियासी लड़ाई चेयरमैन पद को लेकर शुरू हो गई है। जिले के छह नगर निकायों में से कुछ में पार्टियों को स्पष्ट बहुमत मिला है, तो कुछ में निर्दलीय किंगमेकर की भूमिका में हैं।

चेयरमैन पद के लिए सियासी समीकरण

सिरोही जिले के छह नगर निकायों में से सिरोही और पिंडवाड़ा में कांग्रेस ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है।

वहीं, शिवगंज और माउंट आबू में भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है।

आबूरोड और मंदार में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, जिससे यहां निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।

माउंट आबू: भाजपा को बहुमत पर भितरघात का डर

माउंट आबू नगरपालिका की कुल 25 वार्डों में भाजपा ने 15 सीटें जीतकर अपना बोर्ड बनाना लगभग तय कर लिया है।

यहां कांग्रेस को 7, निर्दलीय प्रत्याशियों को 2 और आरएलपी को 1 वार्ड में जीत मिली है।

सबसे ज्यादा चर्चा में रही वार्ड नंबर 17, जिसे हॉट सीट माना जा रहा था, वहां से भाजपा की गीता अग्रवाल ने जीत दर्ज की है। सूत्रों के अनुसार, वे नगरपालिका अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं।

जातीय समीकरण बना सिरदर्द

भाजपा के लिए माउंट आबू में असली चुनौती जातीय समीकरणों को साधना है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी शिवगंज में वैश्य समाज से दिनेश बिंदल को चेयरमैन बनाने पर विचार कर रही है।

इसी तरह, आबूरोड में भी वैश्य समाज से ही चेयरमैन बनाने की कोशिशें पार्टी के भीतर चल रही हैं।

ऐसे में माउंट आबू में राजपूत समाज ने मांग उठाई है कि इस बार उनके समाज से चेयरमैन बनाया जाए। इस दावेदारी ने पार्टी के भीतर भितरघात का खतरा बढ़ा दिया है।

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