सिरोही | सिरोही जिले की गुलाबगंज-माउंट आबू सड़क का 50 साल पुराना इंतज़ार अब खत्म होने वाला है। हाल ही में गुलाबगंज रात्रि चौपाल में प्रभारी मंत्री के.के. विश्नोई ने इस सड़क के अधूरे निर्माण को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया है।
225 करोड़ का बजट और डीपीआर का पेंच
केंद्र सरकार ने इस 23 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए 225 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति पहले ही दे दी है। हालांकि, राज्य स्तर पर डीपीआर (DPR) बनाने का काम अभी अटका हुआ है।
जिला विकास परिषद के सचिव महावीर जैन ने बताया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग ने टेंडर तो आमंत्रित किए थे, लेकिन वे अब तक स्वीकृत नहीं हुए हैं। इससे काम में देरी हो रही है।
वैकल्पिक मार्ग की बढ़ती मांग
जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने इस सड़क का मौका मुआयना करने की बात कही है। यह मार्ग माउंट आबू के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक रास्ता साबित होगा, जिससे यातायात सुगम होगा।
जिस तरह माउंट आबू का नाम बदलकर 'आबूराज' किया गया है, उसी तरह इस सड़क को भी भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्राथमिकता से पूरा करवाया जाएगा।
वन विभाग से मंजूरी की प्रक्रिया
यह सड़क 35 साल पहले अकाल राहत योजना के तहत ग्रेवल सड़क के रूप में बनाई गई थी। महावीर जैन के अनुसार, इस मार्ग पर कोई घना जंगल नहीं है, केवल झाड़ियां हैं।
डीपीआर बनने के बाद ही यह मामला भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेजा जाएगा। इस परियोजना की प्रतियां सीएम भजनलाल शर्मा और पीएम मोदी को भी भेजी गई हैं।
इस सड़क के बनने से स्थानीय पर्यटन और आवागमन को बड़ी मजबूती मिलेगी। सरकार के इस कदम से सिरोही वासियों में विकास की नई उम्मीद जगी है और जल्द ही निर्माण शुरू होने की संभावना है।
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