सिरोही | नर्सिंग कॉलेज की बदहाल व्यवस्थाओं और अधूरे भवन निर्माण को लेकर नर्सिंग छात्रों का आक्रोश सामने आया। छात्रों ने सोमवार को कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज भवन का निर्माण शुरू हुए करीब तीन वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक भवन पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है। वहीं, वर्तमान में जिस भवन में नर्सिंग कॉलेज संचालित हो रहा है, उसकी हालत भी जर्जर है और छात्रों को पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
नर्सिंग छात्रों का कलेक्टर से आक्रोश: सिरोही नर्सिंग कॉलेज की अव्यवस्थाओं पर छात्रों का फूटा आक्रोश, कलेक्टर से मिले
सिरोही नर्सिंग कॉलेज के छात्रों ने कॉलेज की बदहाल व्यवस्थाओं, जर्जर भवन और करीब तीन साल से अधूरे पड़े नए भवन के निर्माण को लेकर कलेक्टर से मुलाकात की। छात्रों ने अपनी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग करते हुए इसे अंतिम ज्ञापन बताया और समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तलब कर समयबद्ध समाधान का आश्वासन दिया।
HIGHLIGHTS
- सिरोही नर्सिंग कॉलेज के छात्रों ने बदहाल व्यवस्थाओं और अधूरे भवन निर्माण को लेकर कलेक्टर से मुलाकात की।
- छात्रों के अनुसार नए कॉलेज भवन का निर्माण करीब तीन साल से अधूरा पड़ा है।
- वर्तमान कॉलेज भवन की जर्जर हालत और मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर छात्रों ने शिकायत की।
- छात्रों ने जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
- कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तलब कर छात्रों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान का आश्वासन दिया।
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अधूरे भवन और बदहाल व्यवस्थाओं से छात्र परेशान
छात्रों ने कलेक्टर के सामने अपनी समस्याएं रखते हुए बताया कि कॉलेज की व्यवस्थाओं को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं। छात्रों के अनुसार कॉलेज प्रिंसिपल, CMHO और जिला प्रशासन को भी समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक उनका उचित समाधान नहीं हो पाया है।
छात्रों ने बताया कि नए भवन के निर्माण में लगातार हो रही देरी के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं वर्तमान भवन की स्थिति और सुविधाओं की कमी से भी पढ़ाई प्रभावित होने की बात छात्रों ने रखी।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
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नर्सिंग छात्रों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन को अपना अंतिम ज्ञापन बताते हुए कहा कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। छात्रों ने प्रशासन से कॉलेज की मूलभूत व्यवस्थाओं को बेहतर करने और अधूरे भवन निर्माण को जल्द पूरा करवाने की मांग की।
GenZ ने उठाई अपने अधिकारों की आवाज
नर्सिंग छात्रों के प्रदर्शन को युवाओं में अपने अधिकारों और सुविधाओं को लेकर बढ़ती जागरूकता से जोड़कर भी देखा जा रहा है। एक दिन पहले ही आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने भोजन और हॉस्टल की व्यवस्थाओं को लेकर कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च किया था। इसके बाद नर्सिंग कॉलेज के GenZ छात्रों ने भी कलेक्टर के सामने अपनी समस्याएं रखकर त्वरित समाधान की मांग की।
कलेक्टर ने अधिकारियों को किया तलब
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तलब किया। उन्होंने छात्रों की ओर से रखी गई समस्याओं पर उचित कार्रवाई करने और उनका समयबद्ध समाधान करवाने का आश्वासन दिया। अब छात्रों की नजर प्रशासन की ओर से होने वाली कार्रवाई पर है।