शिवगंज | सिरोही जिले के शिवगंज क्षेत्र स्थित कब्बेश्वर महादेव मंदिर में संत त्रिवेणी गिरी महाराज की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है।
गादी विवाद और रंजिश बनी हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि मंदिर की गादी को लेकर चल रहा विवाद और आपसी रंजिश इस जघन्य हत्याकांड की मुख्य वजह बनी।
जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि मामले में श्रवण कुमार और तोलाराम उर्फ तुलसी गिरी को गिरफ्तार किया गया है।
पोस्टर और नागा बाबा होने पर था विवाद
श्रावण मास के दौरान संत त्रिवेणी गिरी और कोलीवाड़ा के तुलसी गिरी महाराज के बीच गुरु के पोस्टर लगाने को लेकर विवाद हुआ था।
इसके अलावा नागा बाबा होने के विषय पर भी दोनों के बीच तीखी कहासुनी हुई थी, जिससे रंजिश और गहरी हो गई।
वारदात का घटनाक्रम और आरोपियों की साजिश
पुलिस के अनुसार, तुलसी गिरी ने अपमान का बदला लेने के लिए श्रवण कुमार के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी।
29 सितंबर 2026 को आरोपी मोटरसाइकिल से सुमेरपुर पहुंचे और फिर पैदल रास्तों से होते हुए कब्बेश्वर महादेव मंदिर तक गए।
आरोपियों ने रात के समय आश्रम में सो रहे संत त्रिवेणी गिरी महाराज की हत्या कर दी और वहां से फरार हो गए।
तलाशी के बाद मोबाइल लेकर भागे आरोपी
हत्या के बाद आरोपियों ने आश्रम के कमरे में सामान बिखेरकर कीमती वस्तुओं की तलाश की, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा।
अंततः वे संत के दो मोबाइल फोन लेकर भाग निकले, जिनमें से एक मोबाइल पुलिस ने बरामद कर लिया है।
विशेष टीम ने की त्वरित कार्रवाई
एसपी के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दबोचने में सफलता प्राप्त की है।
- गिरफ्तार आरोपी श्रवण कुमार उदयपुर जिले का निवासी है।
- दूसरा आरोपी तोलाराम उर्फ तुलसी गिरी पाली जिले का रहने वाला है।
- कार्रवाई में साइबर सेल और पिंडवाड़ा पुलिस का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
पुलिस अब इस मामले में अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है ताकि हत्याकांड की हर कड़ी को जोड़ा जा सके।
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