सिरोही |शहर के हाउसिंग बोर्ड स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में पहली कक्षा के 7 वर्षीय बच्चे के साथ शिक्षक द्वारा डंडे से मारपीट के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। बच्चे के शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई थी। अब परिवार ने समझौते के लिए दबाव और धमकी के आरोप लगाए हैं।
समझौते के लिए दबाव और धमकी के आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के दो दिन बाद से ही उन पर अलग-अलग लोगों के माध्यम से समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है। परिवार ने यह भी कहा कि उन्हें धमकाने का भी प्रयास किया गया, जिससे उनमें नाराजगी है।
तीन लोग घर पहुंचे, परिवार ने बनाया वीडियो
परिवार के अनुसार, तीन व्यक्ति उनके घर पहुंचे और मामले में समझौता करने के लिए दबाव बनाने लगे। इस पूरे घटनाक्रम का परिवार ने वीडियो बना लिया, जिसमें तीन व्यक्ति पीड़ित परिवार के घर पर बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं।
परिजनों ने यह वीडियो पुलिस अधिकारियों को भेजकर शिकायत करने की बात कही है। उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी देकर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
मामले की जानकारी मिलने पर कोतवाल ने पीड़ित परिवार के घर पुलिसकर्मी भेजे। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने उनकी पूरी बात सुनने या बयान दर्ज करने के बजाय केवल औपचारिकता पूरी की।
परिजनों के मुताबिक, पुलिसकर्मी ने सिर्फ यह पूछा कि “क्या आपको किसी पुलिसकर्मी ने धमकाया है?” और पूरी बात सुने बिना ही लौट गए। परिवार का कहना है कि पुलिसकर्मी ने यह भी नहीं पूछा कि घर पर कौन लोग आए थे और उन्होंने क्या कहा।
'वीडियो में सब सामने है, फिर भी...'
परिजनों ने पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब उनके पास घटना का वीडियो मौजूद है, तो पुलिस को मौके पर पहुंचकर विस्तृत जानकारी लेनी चाहिए थी।
शिक्षा विभाग और पूर्व विधायक ने लिया संज्ञान
मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने एसपी और जिला प्रशासन से मुलाकात कर दोषी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अब दो मामलों की जांच की मांग
अब इस प्रकरण में दो मामले बन गए हैं - एक बच्चे से मारपीट का और दूसरा परिवार पर समझौते का दबाव बनाने का। परिवार ने मांग की है कि शिक्षक के साथ-साथ दबाव बनाने वाले लोगों की भी पहचान कर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो। परिवार ने साफ कहा है कि वे किसी भी दबाव में समझौता नहीं करेंगे और उन्हें न्याय चाहिए।