सिरोही | सिरोही जिला महिला क्रिकेट टीम के निराशाजनक प्रदर्शन ने चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। टीम में अधिकतर बाहरी खिलाडिय़ों का चयन किया गया था इसलिए कि टीम का प्रदर्शन बेहतर हो सकेगा। या शायद इसलिए भी कि घरेलू खिलाड़ी कमजोर होंगे, लेकिन बाहरी खिलाडिय़ों को टीम में शामिल किए जाने के बाद भी निराशा ही हासिल हुई। घरेलू खिलाडिय़ों को टीम से बाहर रख कर उनका नुकसान तो किया ही हतोत्साहित भी किया गया। अब इसका जवाब किसी के पास नहीं है कि जब बाहरी खिलाडिय़ों को टीम में लेना ही था तो ऐसे खिलाड़ी क्यों नहीं लिए गए जो टीम को जीत हासिल करने में मदद कर पाते।
चयन प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल
उल्लेखनीय है कि राजस्थान क्रिकेट संघ की सीनियर महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में सिरोही टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। टीम में जिले से बाहर के गेस्ट की 6 से 7 खिलाडिय़ों को शामिल किया गया। इसके बावजूद सिरोही को लगातार हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में टीम की चयन प्रक्रिया पर ही सवाल उठने लगे हैं।
लगातार हार से खेलप्रेमी मायूस
प्रतियोगिता में सिरोही टीम को पहले मुकाबले में दौसा के खिलाफ 10 विकेट से करारी हार झेलनी पड़ी। इसके बाद हनुमानगढ़ ने भी सिरोही को 61 रन से पराजित कर दिया। लगातार दो बड़े अंतर से मिली हार के बाद क्रिकेट प्रेमियों और स्थानीय खिलाडिय़ों में नाराजगी देखी जा रही है।
प्रतिभाओं को लगातार नजरंदाज कर रहे
स्थानीय खेल प्रेमियों का कहना हैं कि जब टीम में बाहर की खिलाडिय़ों को शामिल करने का निर्णय लिया गया था तब बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी। लेकिन, परिणाम इसके विपरीत रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि बाहरी खिलाडिय़ों के चयन के बाद भी टीम जीत दर्ज नहीं कर पा रही है तो स्थानीय प्रतिभाओं को पर्याप्त अवसर क्यों नहीं दिए गए। जानकार बताते हैं कि जिले में कई प्रतिभाशाली महिला खिलाड़ी है, जिनको लगातार नजरंदाज किया जा रहा है। चयन प्रक्रिया पारदर्शी होती तो प्रदर्शन के आधार पर अच्छी टीम बन सकती थी, लेकिन बाहरी खिलाडिय़ों पर भरोसा करने से घरेलू खिलाड़ी भी मायूस रहे।
*Edit with Google AI Studio