राजस्थान

SOG ASP मुकेश सोनी गिरफ्तार: उदयपुर: 2 करोड़ की रिश्वत मामले में SOG ASP मुकेश सोनी गिरफ्तार

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 27 सितम्बर 2026, 04:33 दोपहर
उदयपुर के चर्चित 272 प्लॉट घोटाले में राहत देने के बदले 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में एसीबी ने एसओजी के एएसपी मुकेश सोनी को गिरफ्तार किया है।

उदयपुर | राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एसओजी (SOG) के एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी उदयपुर के बहुचर्चित 2 करोड़ रुपये के रिश्वत मामले में की गई है।

एसीबी की बड़ी कार्रवाई: एएसपी मुकेश सोनी गिरफ्तार

उदयपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी ने रविवार को बड़ी सफलता हासिल की। टीम ने एसओजी के एएसपी मुकेश कुमार सोनी को हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार किया।

एएसपी पर आरोप है कि उन्होंने एक घोटाले के मामले में राहत देने के लिए भारी भरकम रिश्वत की मांग की थी।

दलाल के जरिए बिछाया गया था जाल

इस मामले में एसीबी ने शनिवार को ही एएसपी के कथित दलाल सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को रंगे हाथों पकड़ा था।

सज्जन सिंह को 2 करोड़ रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया था, जिसके बाद एएसपी की भूमिका स्पष्ट हुई।

दलाल की गिरफ्तारी के बाद शनिवार देर रात एएसपी मुकेश सोनी को बालोतरा स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया था।

क्या है 2 करोड़ की रिश्वत का पूरा मामला?

रिश्वत की यह बड़ी रकम उदयपुर के सूरजपोल थाने में दर्ज 272 प्लॉट घोटाले से जुड़ी हुई है।

आरोप है कि इस केस में एफआर (Final Report) लगाने और जांच के दौरान जब्त किए गए सामान को छोड़ने के बदले यह डील हुई थी।

शिकायत और सत्यापन की प्रक्रिया

परिवादी ने एसीबी को शिकायत दी थी कि एएसपी मुकेश सोनी केस को रफा-दफा करने के लिए 2 करोड़ रुपये मांग रहे हैं।

एसीबी डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के नेतृत्व में टीम ने इस शिकायत का गोपनीय तरीके से सत्यापन करवाया।

सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई।

कार में हुई थी डील: मोबाइल पर लिखा '2 करोड़'

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि एएसपी और परिवादी के बीच मुलाकात किसी सरकारी दफ्तर में नहीं हुई थी।

दलाल सज्जन सिंह ने परिवादी की मुलाकात मुकेश सोनी से उदयपुर के एक चौराहे पर खड़ी कार में करवाई थी।

इशारों में हुई रिश्वत की बात

मुलाकात के दौरान एएसपी मुकेश सोनी ने सावधानी बरतते हुए सीधे तौर पर रिश्वत या केस से संबंधित कोई बात नहीं कही।

शिकायत के अनुसार, उन्होंने अपने मोबाइल फोन की स्क्रीन पर केवल '2 करोड़' लिखकर परिवादी को दिखाया था।

उन्होंने इशारों में ही मामला खत्म होने का भरोसा दिलाया, जिसके बाद दलाल लगातार परिवादी के संपर्क में रहा।

एसीबी का ट्रैप: डमी नोटों का इस्तेमाल

शनिवार को जैसे ही सज्जन सिंह ने रिश्वत की रकम से भरा बैग लिया, एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया।

इस ट्रैप की कार्रवाई में एसीबी ने 4 लाख रुपये के असली नोट और 1.96 करोड़ रुपये के डमी नोट रखे थे।

दलाल की गिरफ्तारी के बाद एएसपी मुकेश सोनी की संलिप्तता के सबूत मिलने पर उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया।

272 प्लॉट घोटाला: करोड़ों का फर्जीवाड़ा

यह पूरा मामला उदयपुर शहर के खाली और निरस्त प्लॉटों पर अवैध कब्जे और उनकी बिक्री से संबंधित है।

भू-माफियाओं ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज और लीज डीड तैयार करवाई थी।

घोटाले के मुख्य बिंदु:

जब्त किए गए थे 2 किलो सोना और नकदी

साल 2022 में दर्ज हुई इस एफआईआर के बाद एसओजी ने कई गिरफ्तारियां की थीं।

अगस्त 2024 में पूर्व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी हेमलता कांकरिया और उनके पति निरंजन मोगरा को पकड़ा गया था।

उनके पास से करीब 2 किलो सोने के जेवर और 11 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे।

इन्हीं गहनों और नकदी को वापस दिलाने के लिए एएसपी ने रिश्वत की मांग की थी।

विवादों से पुराना नाता: मुकेश सोनी का रिकॉर्ड

एएसपी मुकेश सोनी पहले भी कई बार विवादों में घिर चुके हैं।

अजमेर में तैनाती के दौरान उन पर नशीली दवाओं की तस्करी के आरोपियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा था।

हाईकोर्ट का हस्तक्षेप

साल 2022 में राजस्थान हाईकोर्ट ने उन्हें और अन्य अधिकारियों को रेंज से बाहर भेजने का आदेश दिया था।

नवंबर 2024 में ही उन्हें एसओजी की उदयपुर यूनिट में नई जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

विधानसभा में भी गूंजा था मुद्दा

272 प्लॉट घोटाले का मामला राजस्थान विधानसभा में भी कई बार उठाया जा चुका है।

उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन और पूर्व राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

अब तक इस मामले में करीब छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच जारी है।

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