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मोदी सरकार को चेतावनी: सोनम वांगचुक की चेतावनी, 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा

बलजीत सिंह शेखावत · 17 जुलाई 2026, 10:57 दोपहर
अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने 20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अगर मार्च सफल नहीं हुआ तो भूत बनकर वापस आऊंगा।

सोनम वांगचुक की सरकार को चेतावनी

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अनशन पर हैं। वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। अब उन्होंने एक ऐसा बयान दिया है जिससे मोदी सरकार की चिंता बढ़ सकती है।

सोनम वांगचुक ने कहा, "मैं किसी भी हालत में 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा, ताकि मैं आप सब के साथ संसद तक मार्च कर सकूं।"

उन्होंने आगे कहा, "अगर 20 जुलाई को हमारा मार्च सफल नहीं रहा तो फिर मैं भूत बनकर वापस आऊंगा।" उनके इस बयान वाले वीडियो पर कॉकरोच जनता पार्टी ने कैप्शन में लिखा कि सोनम वांगचुक ने अपनी जिन्दगी के इतने कठिन समय पर भी अपना सेंस ऑफ ह्यूमर नहीं खोया।

मार्च में माताओं को साथ लाने की अपील

सोनम वांगचुक ने लोगों से बड़ी संख्या में मार्च से जुड़ने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा, "मैं आप सबको बड़ी संख्या में जुड़कर एक छोटा कदम उठाने को कहूंगा न कि सिर्फ मुझे अनशन खत्म करने के लिए कहें।"

उन्होंने लोगों से मिस्ड कॉल करके मार्च में हिस्सा लेने की पुष्टि करने को कहा। वांगचुक ने विशेष रूप से अपील की कि लोग इस मार्च में अपनी माताओं को साथ लेकर आएं।

वांगचुक ने कहा, "मां के दिल में जो बच्चों के लिए प्यार होता है वह किसी के दिल में नहीं होता है। मैं चाहूंगा कि माएं इस मार्च की अगुआई करें। वह ले जाएं हमें संसद तक।"

उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर मार्च सफल रहा और मुद्दा सही हाथों में गया, तो वह चैन की नींद सो पाएंगे और अपना अनशन भी तोड़ देंगे।

केजरीवाल ने किया वांगचुक का समर्थन

आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वांगचुक ने देश और बच्चों के भविष्य के लिए अपनी सेहत तक दांव पर लगा दी है।

केजरीवाल ने मांग की, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेकर सोनम वांगचुक को देश का नया शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए।"

NEET पेपर लीक का उठाया मुद्दा

आप संयोजक ने नीट पेपर लीक का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा किसी बच्चे के लिए सिर्फ एक कागज नहीं बल्कि एक सपना होता है।

केजरीवाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "मैंने IIT की परीक्षा दी थी, तब पेपर लीक नहीं होते थे। मेरे दोनों बच्चे भी IIT से पढ़े हैं। उस दौर में भी पेपर लीक नहीं होते थे, लेकिन अब हालात पूरी तरह से बदल गए हैं।"

उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि बच्चों का यह भरोसा टूटता जा रहा है कि मेहनत और काबिलियत से वे आगे बढ़ सकते हैं।

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