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दक्षिण भारत की राजनीति: लोकसभा 2029: दक्षिण में नए समीकरणों की हलचल

thinQ360 · 21 अक्टूबर 2026, 10:00 दोपहर
दक्षिण भारत में 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर क्षेत्रीय दलों ने रणनीति तेज कर दी है। चंद्रबाबू नायडू और तमिलनाडु सीएम जोसेफ विजय की मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को बढ़ा दिया है।

विजयवाड़ा | लोकसभा चुनाव 2029 को लेकर दक्षिण भारत में राजनीतिक दलों की हलचल और रणनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

भारतीय जनता पार्टी और INDIA गठबंधन अपने आधार को मजबूत कर रहे हैं, वहीं क्षेत्रीय दल भी सक्रिय दिख रहे हैं।

नायडू और विजय की अहम मुलाकात

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और तमिलनाडु के सीएम सी. जोसेफ विजय के बीच हाल ही में मुलाकात हुई।

तमिलनाडु सीएम जोसेफ विजय विजयवाड़ा उत्सव 2.0 में शामिल हुए थे, जहां चंद्रबाबू नायडू ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

YSR कांग्रेस पार्टी प्रमुख वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के बयानों ने भी राजनीतिक अटकलों को और तेज कर दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों के आकलन

विश्लेषक इस मुलाकात को दक्षिण भारतीय नेताओं के बीच संबंध मजबूत करने और भविष्य के विकल्प खुले रखने की चाल मान रहे हैं।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि नायडू ने NDA नेतृत्व को संकेत दिया है।

TDP की ओर से दी गई सफाई

TDP संसदीय दल के नेता लावू श्री कृष्ण देवरायालु ने कहा कि इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य राजनीतिक नहीं था।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक का मकसद नदियों को आपस में जोड़ने जैसी अहम बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को आगे बढ़ाना था।

नदी जोड़ो परियोजना का क्षेत्रीय लाभ

देवरायालु के अनुसार नदी जोड़ने की परियोजनाओं से कई राज्यों को व्यापक लाभ मिल सकता है।

इस तरह दक्षिण भारत में आने वाले आम चुनावों को लेकर क्षेत्रीय दलों की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।

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