भारत

सीट शेयरिंग पर सपा का बयान: जीत की संभावना पर हो सीटों का बंटवारा: बर्क

thinQ360 · 22 अक्टूबर 2026, 09:40 सुबह
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने सीट शेयरिंग पर रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि सीटों का फैसला जीत की संभावना पर होना चाहिए और गठबंधन पर बातचीत सकारात्मक दिशा में है।

संभल | उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है। संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कांग्रेस की सीटों की मांग पर पार्टी का रुख साफ किया है।

जीत की संभावना पर तय होंगी सीटें

सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस कितनी सीटें मांग रही है, इससे समाजवादी पार्टी को कोई परेशानी नहीं है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सीटों का बंटवारा इस आधार पर होना चाहिए कि कांग्रेस किन विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव जीतने की स्थिति में है।

समाजवादी पार्टी गठबंधन में जीत की संभावना को सबसे अहम पैमाना मानकर चल रही है।

अखिलेश यादव से हुई सकारात्मक बातचीत

बर्क ने बताया कि गठबंधन को लेकर दोनों राजनीतिक दलों के बीच चल रही बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस इंडिया गठबंधन के तहत मिलकर चुनाव लड़ेंगी।

सांसद ने कहा कि इस संबंध में उनकी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी बातचीत हुई है, जो काफी सकारात्मक रही।

उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के मुकाबले समाजवादी पार्टी सबसे मजबूत विकल्प है।

सीटों के बंटवारे में समय लगना सामान्य

सीट बंटवारे में हो रही देरी पर बर्क ने कहा कि किसी भी समझौते को अंतिम रूप देने में समय लगता है और इसे लेकर चिंता की बात नहीं है।

उन्होंने व्यापार का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे किसी नए काम को शुरू करने में समय लगता है, वैसे ही राजनीतिक दलों के बीच सीटों का बंटवारा भी एक समझौता है।

ऐसे फैसले तुरंत नहीं लिए जा सकते और दोनों पार्टियों को आपसी सहमति से ही आगे बढ़ना होता है।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन और न्यायपालिका का सम्मान

सपा सांसद ने कहा कि देश में गलत के खिलाफ आवाज उठाने का अधिकार केवल युवा पीढ़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि हर उम्र के नागरिक को है।

उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहकर सरकार या पुलिस प्रशासन के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह हमेशा से सभी स्तरों पर न्यायपालिका का सम्मान करते आए हैं और नागरिकों को संविधान से मिले अधिकारों का प्रयोग करने की पूरी स्वतंत्रता है।

*Edit with Google AI Studio

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)