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IT शेयरों में बहार: IT शेयरों की तूफानी तेजी से उछला बाजार, सेंसेक्स 588 अंक चढ़ा

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 15 सितम्बर 2026, 01:36 दोपहर
मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में आईटी शेयरों में भारी खरीदारी के चलते जोरदार तेजी आई। सेंसेक्स 588 अंक की बढ़त के साथ खुला, जिसमें इन्फोसिस, TCS और विप्रो जैसे शेयरों का बड़ा योगदान रहा।

भारतीय शेयर बाजार में आज मंगलवार को आईटी शेयरों में भारी खरीदारी के कारण तेजी का रुख देखने को मिला। इस उछाल के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 588 अंकों की शानदार बढ़त के साथ 75,369 पर खुला।

हालांकि, शुरुआती कारोबार में सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर यह 0.32% या 236 अंक की बढ़त के साथ 75,018 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 0.22% या 51 अंक की बढ़त के साथ 23,449 पर ट्रेड करता दिखा।

आईटी शेयरों में आई भारी खरीदारी

मंगलवार की सुबह आईटी सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर निफ्टी आईटी इंडेक्स 4.90% की बड़ी बढ़त के साथ 30,338 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में भी शानदार उछाल देखा गया।

प्रमुख आईटी शेयरों का प्रदर्शन

क्यों आई आईटी शेयरों में यह तेजी?

सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार डॉ. रवि सिंह के अनुसार, इस तेजी के पीछे का मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास की रफ्तार को धीमा करने की वैश्विक अपील है। इस अपील ने भारतीय आईटी शेयरों में एक नई जान फूंक दी है।

दरअसल, दुनिया की बड़ी एआई कंपनियों के प्रमुखों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास की गति पर लगाम लगाने और इसके इस्तेमाल को अधिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाने की वकालत की है। बाजार इस घटनाक्रम को भारतीय आईटी कंपनियों के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर देख रहा है।

AI पर वैश्विक चिंता

यह पूरा मामला Anthropic के सीईओ डारियो अमोदेई (Dario Amodei) की एक टिप्पणी से शुरू हुआ। उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबी पोस्ट में एआई कंपनियों से मॉडल की क्षमता बढ़ाने की रफ्तार को धीमा करने का आग्रह किया।

अमोदेई ने एआई के संभावित गलत इस्तेमाल को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि भविष्य में एआई एजेंट इतने शक्तिशाली हो सकते हैं कि वे इंटरनेट के एक बड़े हिस्से पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लें, जिससे भारी आर्थिक नुकसान का खतरा पैदा हो सकता है।

एलन मस्क और सैम ऑल्टमैन का समर्थन

xAI चलाने वाले एलन मस्क और OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने भी अमोदेई की चिंताओं से सहमति जताई। मस्क ने कहा कि अमोदेई की बात सही है और वह लंबे समय से एआई के संभावित खतरों के बारे में चेतावनी देते आ रहे हैं।

वहीं, सैम ऑल्टमैन ने कहा कि एआई कंपनियों को विकास की सीमाओं को लेकर अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने एआई से जुड़े दो प्रमुख खतरों की ओर इशारा किया: पहला, इंसान भविष्य में एआई पर अपना नियंत्रण खो सकते हैं, और दूसरा, एआई की शक्ति कुछ चुनिंदा कंपनियों या देशों के हाथों में केंद्रित हो सकती है।

भारतीय आईटी कंपनियों पर दबाव कम

भारतीय आईटी कंपनियों की कमाई का एक बड़ा हिस्सा अमेरिकी ग्राहकों से आता है। निवेशक लंबे समय से इस बात को लेकर चिंतित थे कि एआई के कारण इन कंपनियों के पारंपरिक आईटी कारोबार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

लेकिन, अगर एआई का विकास और इस्तेमाल अधिक नियंत्रित और नियमों के दायरे में होता है, तो यह भारतीय आईटी कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, जिससे उन पर बना दबाव कम होगा।

सेक्टोरल सूचकांकों का हाल

अगर सेक्टोरल सूचकांकों की बात करें, तो शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी निफ्टी आईटी में (4.90%) देखी गई।

वहीं, कुछ सेक्टरों में गिरावट भी दर्ज की गई।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)

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