देश में चीनी की कीमतों में बड़ी गिरावट
देश में चीनी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है, जिससे आम लोगों को कुछ राहत मिली है। थोक और रिटेल दोनों ही बाजारों में चीनी के भाव में कमी दर्ज की गई है।
सरकार द्वारा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों के बाद बाजार में कीमतों में नरमी की उम्मीद जताई जा रही है।
थोक बाजार में 500 रुपये टूटे भाव
थोक बाजार में चीनी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। आंकड़ों के अनुसार, थोक भाव में 500 रुपये प्रति क्विंटल तक की कमी देखी गई है।
प्रमुख शहरों में थोक के नए रेट
चीनीमंडी के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में चीनी का थोक भाव शनिवार के 6600 रुपये प्रति क्विंटल से घटकर सोमवार को 6350 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया।
कानपुर में भी कीमत 6650 रुपये से घटकर 6350 रुपये प्रति क्विंटल हो गई।
रायपुर में यह भाव 6600 रुपये से गिरकर 6250 रुपये प्रति क्विंटल रह गया।
मुंबई में चीनी का थोक भाव 6750 रुपये से घटकर 6250 रुपये प्रति क्विंटल हो गया।
इसी तरह, रांची में भाव 6700 से 6500 रुपये, कोलकाता में 6800 से 6400 रुपये, और हैदराबाद में 6800 से 6600 रुपये प्रति क्विंटल हो गया।
चेन्नई में कीमत 6900 रुपये से घटकर 6700 रुपये प्रति क्विंटल रह गई, जबकि गुवाहाटी में भाव 6820 रुपये से घटकर 6450 रुपये पर आ गया।
रिटेल कीमतों में भी आई गिरावट
थोक बाजार के साथ-साथ रिटेल कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सीधे तौर पर उपभोक्ताओं को फायदा हुआ है। रिटेल बाजार में चीनी लगभग 4 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हुई है।
जानें आपके शहर में क्या है रिटेल भाव
दिल्ली में M-30 चीनी का रिटेल भाव शनिवार को 68 रुपये प्रति किलो था, जो सोमवार को घटकर 65 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया।
कानपुर में यह भाव 69 रुपये से घटकर 66 रुपये और रायपुर में 68 रुपये से 65 रुपये प्रति किलो हो गया।
मुंबई में भी चीनी 68 रुपये से सस्ती होकर 65 रुपये प्रति किलो पर बिक रही है।
रांची में कीमत 70 रुपये से घटकर 66 रुपये, कोलकाता में 70 रुपये से 67 रुपये, और गुवाहाटी में 71 रुपये से 67 रुपये प्रति किलो हो गई।
हैदराबाद में भाव 70 रुपये से 67 रुपये और चेन्नई में 70 रुपये से घटकर 68 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया।
ISMA का बयान: देश में नहीं है चीनी का कोई बड़ा संकट
इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने कहा है कि आने वाले दिनों में चीनी के दाम और नरम पड़ सकते हैं।
संगठन ने स्पष्ट किया कि देश में चीनी की कोई वास्तविक कमी नहीं है।
ISMA के अनुसार, कीमतों में हालिया तेजी का मुख्य कारण सप्लाई की कमी नहीं, बल्कि त्योहारी मांग, बाजार की धारणा और थोक खरीदारों द्वारा की गई अतिरिक्त खरीदारी थी।
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