जयपुर | राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सुजानगढ़ के चर्चित जेडीजे ज्वैलर्स फायरिंग मामले के मुख्य आरोपी कृष्ण सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कृष्ण सिंह पिछले तीन वर्षों से पुलिस की पकड़ से दूर था और जयपुर के झोटवाड़ा इलाके में अपनी असली पहचान छिपाकर रह रहा था। एजीटीएफ ने गुप्त सूचना के आधार पर दबिश देकर आरोपी को धर दबोचा, जिसे सुजानगढ़ कोर्ट ने अब पांच दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है।
पहचान बदलकर जयपुर में चला रहा था टैक्सी
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कृष्ण सिंह पिछले दो वर्षों से जयपुर की सड़कों पर एक साधारण टैक्सी चालक के रूप में जीवन बिता रहा था। वह सुजानगढ़ में एक आभूषण व्यापारी की दुकान पर रंगदारी वसूलने के लिए की गई फायरिंग का मुख्य साजिशकर्ता था, जबकि शूटर पहले ही पकड़े जा चुके थे। कृष्ण सिंह को कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण की गैंग का सक्रिय सदस्य माना जाता है, जो राजस्थान में संगठित अपराध का नेटवर्क चलाते हैं। गिरफ्तारी के समय उसके साथ लक्ष्मण सिंह नामक एक अन्य अपराधी को भी पकड़ा गया है, जो नावां क्षेत्र में कई गंभीर मामलों में लंबे समय से वांटेड था।
गैंगस्टर नेटवर्क और कॉल डिटेल्स की जांच
एडीजी (क्राइम) दिनेश एम.एन. ने बताया कि पुलिस अब आरोपी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने और उसके मददगारों की पहचान करने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है।
"हम आरोपी की कॉल डिटेल्स को बारीकी से खंगाल रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि फरारी के दौरान उसे किन लोगों ने आर्थिक और सामाजिक पनाह दी थी।"
पुलिस उन सभी संदिग्धों की सूची तैयार कर रही है जो व्यापारियों को धमकी भरे कॉल करने और रंगदारी वसूलने के इस संगठित रैकेट का हिस्सा रहे हैं। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि राजस्थान में गैंगस्टर संस्कृति को पनपने नहीं दिया जाएगा और अपराधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम जारी रहेगा।
अपराध जगत के लिए कड़ा संदेश
इस गिरफ्तारी को राजस्थान पुलिस की एक बड़ी रणनीतिक जीत माना जा रहा है, क्योंकि कृष्ण सिंह जैसे मास्टरमाइंड का पकड़ा जाना गैंग के मनोबल को तोड़ने वाला है। एजीटीएफ की इस सक्रियता से प्रदेश के व्यापारिक समुदायों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा और अपराधियों के बीच कानून का खौफ पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है। रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ में कई अन्य बड़े खुलासे होने की संभावना है, जिससे गैंग के स्लीपर सेल और उनके वित्तीय स्रोतों का पर्दाफाश हो सकेगा। प्रशासन ने आगामी दिनों में ऐसी और भी सख्त कार्रवाइयों के संकेत दिए हैं ताकि प्रदेश में शांति व्यवस्था और कानून का राज पूरी तरह से बहाल किया जा सके।
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