मुंबई | भारतीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ताओं ने एशियन गेम्स, आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए टीम की घोषणा कर दी है। इसमें सबसे चौंकाने वाला नाम 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का है, जिनके आने से टी20 स्क्वॉड में अब चार ओपनर हो गए हैं। इस स्थिति ने प्लेइंग 11 को लेकर एक बड़ी दुविधा खड़ी कर दी है।
4 ओपनर्स ने बढ़ाई चयनकर्ताओं की सिरदर्दी
टीम में पहले से ही संजू सैमसन, ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के रूप में तीन स्थापित ओपनर मौजूद हैं। अब वैभव के शामिल होने से यह सवाल उठ रहा है कि इस युवा प्रतिभा को मौका कैसे मिलेगा। क्या उन्हें बेंच पर ही बैठना पड़ेगा या किसी अनुभवी खिलाड़ी को बाहर किया जाएगा?
इस मुश्किल सवाल का जवाब देने की कोशिश पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने की है। उन्होंने टीम मैनेजमेंट को एक अहम सुझाव दिया है।
गावस्कर ने सुझाया समाधान
सुनील गावस्कर का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी को बाहर नहीं बैठाया जा सकता। उन्होंने इस समस्या को सुलझाने के लिए एक रोटेशन पॉलिसी का सुझाव दिया है, जिसे आयरलैंड दौरे पर आजमाया जा सकता है।
टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ 5 टी20 मैचों की सीरीज से पहले आयरलैंड में दो मैच खेलने हैं। गावस्कर के अनुसार, यह दौरा प्रयोग के लिए एक शानदार अवसर है।
क्या है गावस्कर का प्लेइंग 11 फॉर्मूला?
गावस्कर से जब पूछा गया कि 4 ओपनर्स के रहते सूर्यवंशी को मौका कैसे मिलेगा, तो उन्होंने एक स्पष्ट रणनीति बताई।
उन्होंने कहा, "आयरलैंड दौरे पर एक मैच में वैभव सूर्यवंशी को अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करने का मौका देना चाहिए और एक मैच में संजू सैमसन के साथ।"
इस फॉर्मूले के मुताबिक, ईशान किशन नंबर तीन यानी वन-डाउन पर बल्लेबाजी कर सकते हैं। इससे टीम का संतुलन भी बना रहेगा और वैभव को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव भी मिलेगा।
गावस्कर का यह सुझाव टीम मैनेजमेंट के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है। यह युवा खिलाड़ी को बिना किसी दबाव के अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देगा। भारत को आयरलैंड के खिलाफ पहला मैच 26 जून और दूसरा 28 जून को खेलना है।
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