जयपुर | जयपुर नगर निगम मुख्यालय में शुक्रवार को हुए मेयर चुनाव में भाजपा के सुनील कोठारी ने शानदार जीत दर्ज की है। कोठारी को कुल 89 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 60 वोटों से संतोष करना पड़ा और एक वोट नोटा को गया।
मेयर चुनाव और सियासी खींचतान
मतदान प्रक्रिया सुबह 10 बजे शुरू हुई और दोपहर 1:50 बजे तक चली, लेकिन निगम के मुख्य गेट पर हुए घटनाक्रम ने सबका ध्यान खींचा।
प्रवेश को लेकर भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच कई बार तीखी नोकझोंक और खींचतान देखने को मिली।
विधायक को रोकने पर हंगामा
पुलिस ने कांग्रेस विधायक रफीक खान को गेट पर रोक दिया, जिसके बाद कांग्रेस शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा के आने पर ही उन्हें प्रवेश मिला।
परिसर में भाजपा नेता रवि नैयर की मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस विधायक और पार्षद धरने पर बैठ गए।
करीब 45 मिनट तक नारेबाजी और हंगामा चलता रहा, जो भाजपा पार्षदों की वोटिंग पूरी होने के बाद ही शांत हुआ।
भेदभाव के आरोप और प्रिविलेज मोशन
भाजपा पार्षदों की बसें सीधे मुख्य गेट तक पहुंचीं, जबकि कांग्रेस पार्षदों को 100 मीटर पैदल चलकर आना पड़ा।
विधायक अमीन कागजी ने आरोप लगाया कि बिना वैधानिक अधिकार वाले लोग मतदान परिसर के अंदर मौजूद थे।
उन्होंने मांग की कि परिसर की पूरी रिकॉर्डिंग जांची जानी चाहिए कि कौन-कौन अंदर गया और किस प्रोटोकॉल के तहत प्रवेश दिया गया।
रफीक खान ने कहा कि निर्वाचित विधायक को रोकने के मामले में विधानसभा में प्रिविलेज मोशन लाया जाएगा।
मेयर की प्राथमिकताएं: सफाई और विकास
शाम 5 बजे पदभार ग्रहण करने के बाद सुनील कोठारी ने शहर के विकास के लिए सभी 150 पार्षदों को साथ लेने की बात कही।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परकोटे और बाहरी शहर की समस्याओं के लिए अलग-अलग और जरूरत के अनुसार प्लानिंग की जाएगी।
सफाई और बुनियादी ढांचे पर जोर
मेयर ने कहा कि कचरा संग्रहण, परिवहन और नियमित मॉनिटरिंग की पूरी व्यवस्था को दुरुस्त करना होगा।
जहां भी कमियां पाई जाएंगी, उन्हें चिह्नित कर तुरंत सुधार के कदम उठाए जाएंगे।
परकोटे की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए वहां की संकरी गलियों के लिए अलग से सफाई योजना बनाई जाएगी।
ट्रैफिक और पार्किंग का समाधान
परकोटे में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या काफी गंभीर बनी हुई है, जिसका समाधान केवल निगम के स्तर पर संभव नहीं है।
इसके लिए ट्रैफिक पुलिस, जेडीए और अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर समन्वित योजना तैयार की जाएगी।
सड़कों की गुणवत्ता और जलभराव
खराब सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर सुधारा जाएगा और निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रहेगा।
बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या के कारणों की पहचान कर नालों और सीवर लाइनों की सफाई कराई जाएगी।
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