जयपुर | राजस्थान के सूरतगढ़ तापीय विद्युत गृह ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसकी 1320 मेगावाट क्षमता की दो सुपरक्रिटिकल इकाइयों ने वित्त वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
तकनीकी सुधारों से मिली बड़ी कामयाबी
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि इकाई 7 और 8 में शुरुआती तकनीकी खामियों को लगातार प्रयासों से दूर किया गया। इसके परिणामस्वरूप जनवरी से मार्च 2026 के बीच इन इकाइयों ने रिकॉर्ड प्रदर्शन किया।
ऊर्जा सचिव आरती डोगरा ने बताया कि इन इकाइयों ने 95.46 प्रतिशत उपलब्धता प्राप्त की है। इससे प्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने में काफी मदद मिली है।
सुपरक्रिटिकल इकाइयों में तेल की खपत मानकों से कम रही, जिससे बिजली उत्पादन की लागत में कमी आई है।
भविष्य के लिए नई उम्मीदें
राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष देवेन्द्र श्रृंगी ने इस सफलता पर पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
इस उपलब्धि से न केवल बिजली विभाग का मनोबल बढ़ा है, बल्कि आम जनता को भी सस्ती और निर्बाध बिजली मिलने का रास्ता साफ हुआ है। यह राजस्थान के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर है।
*Edit with Google AI Studio