राजनीति

Bangal: बंगाल में हिंसा पर मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी सख्त

बलजीत सिंह शेखावत · 19 मई 2026, 02:24 दोपहर
सीएम शुभेन्दु अधिकारी ने पत्थरबाजों को दी चेतावनी, कहा- अब हिंसा बर्दाश्त नहीं होगी।

कोलकाता | पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुधारने के लिए कई कड़े और ऐतिहासिक फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। उनके इन फैसलों से विपक्षी खेमे में भारी हड़कंप मचा हुआ है।

हिंसा और अराजकता पर मुख्यमंत्री की दो टूक

मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने पुलिस कर्मियों पर हुए हमले और तोड़फोड़ की हालिया घटनाओं पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में अब ऐसी घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सीएम ने सार्वजनिक रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में अब कानून का डंडा चलेगा। उन्होंने साफ कहा कि अगर भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा होती हैं, तो परिणाम गंभीर होंगे।

मुख्यमंत्री ने दंगाइयों को ललकारते हुए कहा कि अब शांति भंग करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन को इस संबंध में पूरी छूट दे दी गई है।

सर्कस पार्क में हुई पत्थरबाजी का मामला

बता दें कि पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद सर्कस पार्क इलाके में तनाव बढ़ गया था।

जब पुलिस प्रशासन वहां अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही करने पहुंचा, तो भीड़ ने पुलिस बल पर जमकर पत्थरबाजी की। इस हिंसक घटना में सरकारी संपत्ति को काफी नुकसान हुआ।

इस हमले में करीब 6 पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ के दो जवान गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। उपद्रवियों ने कई सरकारी वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया था।

जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की तरह पश्चिम बंगाल में भी पत्थरबाजी की संस्कृति को अब जारी नहीं रहने दिया जाएगा। दोषियों को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।

उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक 40 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस कमिश्नर खुद इस पूरी जांच की निगरानी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अशांति फैलाने वाले, गुंडागर्दी करने वाले और राष्ट्र विरोधी तत्वों के लिए बंगाल में कोई जगह नहीं है। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।

अगर इस प्रकार की दोबारा घटनाएं होती है तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा। पुलिस बल अब बंधे हाथों के साथ चुपचाप नहीं बैठेगा।

तृणमूल कांग्रेस और पूर्व प्रशासन पर निशाना

मुख्यमंत्री ने पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के धैर्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि भीड़ द्वारा उकसाए जाने के बाद भी जवानों ने बेहद संयम से काम लिया है।

उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के पुराने शासन पर हमला बोलते हुए कहा कि वे दिन अब बीत चुके हैं जब पुलिसकर्मी सड़कों पर पिटते थे और मंत्री कमरों में बैठते थे।

सीएम ने कहा कि पुराने नियम अब लागू नहीं होंगे। अगर कोई यह सोचता है कि पुलिस असहाय है, तो वह बहुत बड़ी गलतफहमी में जी रहा है। अब कानून सर्वोपरि है।

बंगाल में कानून व्यवस्था की नई दिशा

सरकार का मुख्य लक्ष्य राज्य में शांति और सुरक्षा का माहौल बनाना है। मुख्यमंत्री के इन कड़े तेवरों से स्पष्ट है कि वे राज्य की छवि सुधारने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

प्रशासन अब हर जिले में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहा है। आने वाले दिनों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के लिए कई नए कदम उठाए जाएंगे।

जनता के बीच मुख्यमंत्री के इन फैसलों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है। लोग इसे एक सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ता हुआ कदम मान रहे हैं।

निष्कर्षतः, शुभेन्दु अधिकारी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल एक नई प्रशासनिक व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। हिंसा और अराजकता के खिलाफ यह कड़ा रुख राज्य के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

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