क्राइम

नेपाल भागने की फिराक में था हत्यारा: तरुण हत्याकांड: नेपाल भागने से पहले भगोड़ा आरोपी गिरफ्तार

गणपत सिंह मांडोली · 12 अगस्त 2026, 09:02 सुबह
उत्तम नगर में होली के दिन हुए तरुण हत्याकांड के फरार आरोपी सोहेल को क्राइम ब्रांच ने दबोच लिया। वह नेपाल भागने की तैयारी में था।

नई दिल्ली |उत्तम नगर इलाके में होली के दिन हुए तरुण हत्याकांड में फरार चल रहे एक आरोपी को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान उत्तम नगर निवासी सोहेल के रूप में हुई है। यह आरोपी लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था।

नेपाल भागने की थी तैयारी

क्राइम ब्रांच के विशेष पुलिस आयुक्त एचजीएस धालीवाल ने मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 8 अगस्त को हेड कांस्टेबल मोहित कुमार को एक गुप्त सूचना मिली थी।

सूचना के अनुसार, तरुण हत्याकांड का आरोपी सोहेल पालम फ्लाईओवर के पास आने वाला था। वह दिल्ली से निकलकर नेपाल भागने की तैयारी कर रहा था।

पुलिस ने बिछाया जाल

इस महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर एसीपी सुनील श्रीवास्तव की निगरानी में एक टीम का गठन किया गया। इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह के नेतृत्व में टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया।

जैसे ही सोहेल पालम फ्लाईओवर के पास पहुंचा, पहले से मुस्तैद टीम ने उसे धर दबोचा। इस तरह उसकी नेपाल भागने की योजना विफल हो गई।

पुरानी दुश्मनी बनी हत्या की वजह

पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में आरोपी सोहेल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि उसके और मृतक तरुण के परिवार के बीच काफी समय से दुश्मनी चल रही थी।

इसी रंजिश के चलते इस साल 4 मार्च को जेजे कॉलोनी इलाके में दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था।

विवाद के दौरान सोहेल ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर तरुण पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया था।

इस हमले में तरुण गंभीर रूप से घायल हो गया था और इलाज के दौरान बाद में उसकी मौत हो गई थी।

भगोड़ा घोषित हो चुका था आरोपी

द्वारका कोर्ट ने इस मामले में सोहेल को 31 जुलाई को भगोड़ा घोषित कर दिया था। वारदात को अंजाम देने के बाद से ही सोहेल लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था ताकि वह पुलिस की पकड़ से दूर रह सके।

नाबालिग आरोपी का भी मामला

उधर, तरुण हत्याकांड से जुड़े एक अन्य मामले में भी कार्रवाई चल रही है। मंगलवार को द्वारका एसडीएम के समक्ष इस मामले से जुड़ी एक सुनवाई हुई।

यह मामला हत्याकांड के एक नाबालिग आरोपी के दो जन्म प्रमाणपत्र होने से संबंधित है। सुनवाई के दौरान तरुण के चाचा टेक चंद भी मौजूद रहे। एसडीएम ने 2018 में जारी हुए जन्म प्रमाणपत्र की प्रमाणिकता की जांच के आदेश दिए हैं।

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