नई दिल्ली | थायराइड को अक्सर लोग केवल वजन बढ़ने या घटने और थकान से जोड़कर देखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह साइलेंट बीमारी आपके मानसिक स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ कर सकती है।
थायराइड और मेंटल हेल्थ: सावधान! थायराइड बढ़ा सकता है आपकी घबराहट और डिप्रेशन
थायराइड केवल शरीर को ही नहीं बल्कि दिमाग को भी बीमार कर सकता है, जानें इसके लक्षण।
HIGHLIGHTS
- थायराइड हार्मोन का असंतुलन सीधे तौर पर मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
- हाइपोथायराइडिज्म के कारण 'ब्रेन फॉग' की समस्या हो सकती है।
- डिप्रेशन और मूड स्विंग्स को केवल तनाव समझना एक बड़ी भूल हो सकती है।
- विशेषज्ञों के अनुसार थायराइड ग्रंथि दिमाग की कार्यप्रणाली को नियंत्रित करती है।
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विशेषज्ञों के अनुसार, घबराहट और डिप्रेशन जैसे लक्षण थायराइड हार्मोन के असंतुलन का मुख्य संकेत हो सकते हैं। इसे केवल सामान्य मानसिक तनाव समझकर नजरअंदाज करना सेहत पर भारी पड़ सकता है।
क्या है 'ब्रेन फॉग' और इसके लक्षण?
जब शरीर में थायराइड हार्मोन कम बनने लगता है, तो दिमाग की कार्यप्रणाली काफी धीमी हो जाती है। इसे मेडिकल भाषा में 'ब्रेन फॉग' कहा जाता है। इसमें व्यक्ति को ध्यान लगाने में दिक्कत होती है।
मरीज अक्सर छोटी-छोटी बातें भूलने लगता है और दिमाग में एक अजीब सा भारीपन महसूस करता है। लोग इसे अक्सर काम का प्रेशर या बढ़ती उम्र का असर मान लेते हैं।
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विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
थायराइड ग्रंथि से निकलने वाले हार्मोन हमारे पूरे शरीर के मेटाबॉलिज्म और दिमाग को कंट्रोल करते हैं। हार्मोन की कमी से मानसिक स्पष्टता कम हो जाती है और याददाश्त कमजोर होती है।
वरिष्ठ एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. विकास अरोड़ा बताते हैं कि मूड स्विंग्स और बेवजह की चिंता भी थायराइड के लक्षण हैं। सही समय पर ब्लड टेस्ट कराना और डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।
निष्कर्ष के तौर पर, यदि आप लगातार मानसिक उलझन या घबराहट महसूस कर रहे हैं, तो थायराइड की जांच अवश्य कराएं। सही इलाज और जीवनशैली में बदलाव से आप इन समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं।
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