अहमदाबाद | इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के फाइनल मुकाबले के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के विस्फोटक बल्लेबाज टिम डेविड पर बड़ी कार्रवाई हुई है। अंपायर की ओर आक्रामक तरीके से आइस बैग फेंकने के कारण उन पर एक मैच का बैन लगा दिया गया है। अब वह अगले सीजन का पहला मैच नहीं खेल पाएंगे।
क्यों लगा टिम डेविड पर बैन?
यह घटना IPL 2026 के फाइनल मैच के दौरान घटी, जो नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया था। पारी के 10वें ओवर में एक विकेट गिरने के बाद, डेविड ने मैदान पर मौजूद अंपायर नितिन मेनन की दिशा में गुस्से से एक 'आइस बैग' फेंका।
इस हरकत को BCCI ने गंभीरता से लिया। मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ ने उन्हें 'आचार संहिता' के अनुच्छेद 2.9 के उल्लंघन का दोषी पाया। डेविड ने अपनी गलती स्वीकार कर ली, जिसके बाद सजा सुनाई गई।
यह अनुच्छेद 'मैच के दौरान किसी खिलाड़ी, टीम अधिकारी, अंपायर, मैच रेफरी या किसी अन्य तीसरे व्यक्ति की ओर अनुचित और/या खतरनाक तरीके से गेंद (या क्रिकेट के किसी अन्य उपकरण, जैसे पानी की बोतल) फेंकने' से संबंधित है।
इस उल्लंघन को 'लेवल 1' का अपराध माना गया, जिसके लिए डेविड के खाते में दो डिमेरिट अंक जोड़े गए। यह सजा उनके पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए और भी गंभीर हो गई।
डिमेरिट प्वाइंट्स बने वजह
इस सीजन में टिम डेविड का यह तीसरा 'लेवल-1' का अपराध था। इससे पहले उन्हें सीजन के 20वें मैच में एक डिमेरिट प्वाइंट और 54वें मैच में दो डिमेरिट प्वाइंट्स मिले थे।
फाइनल मैच में मिले दो और अंकों के साथ, उनके कुल डिमेरिट प्वाइंट्स की संख्या 5 हो गई। IPL की 'आचार संहिता' के नियमों के अनुसार, जब किसी खिलाड़ी के 5 डिमेरिट प्वाइंट्स हो जाते हैं, तो उस पर स्वतः ही एक मैच का निलंबन लग जाता है।
इसी नियम के तहत, डेविड को IPL 2027 में RCB के लिए अपना पहला मैच मिस करना होगा। IPL 2026 में डेविड ने 16 मैचों में 305 रन बनाकर टीम के लिए अहम योगदान दिया था।
फ्रेंचाइजी भरेगी जुर्माना, डेविड को राहत
बैन के अलावा, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी पर मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना भी लगाया गया है। टिम डेविड की एक मैच की फीस 7.50 लाख रुपए है, जिसका मतलब है कि उन पर 3 लाख 75 हजार रुपए का जुर्माना लगा है।
हालांकि, डेविड के लिए राहत की बात यह है कि उन्हें यह रकम अपनी जेब से नहीं भरनी पड़ेगी। IPL में यह एक आम चलन है कि फ्रेंचाइजी अपने खिलाड़ियों पर लगे वित्तीय जुर्माने का भुगतान खुद करती हैं।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खिलाड़ियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े और वे अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें। इसलिए, RCB प्रबंधन ही इस जुर्माने की राशि का भुगतान करेगा।
यह फैसला टिम डेविड के लिए एक बड़ा सबक है, लेकिन RCB को अगले सीजन की शुरुआत में अपने एक प्रमुख फिनिशर की कमी खलेगी। यह घटना मैदान पर खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर एक सख्त संदेश भी देती है।
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