राजनीति

TMC में बगावत: अभिषेक पर भड़के कल्याण, ममता को दी चुनौती

बलजीत सिंह शेखावत · 11 जून 2026, 03:46 दोपहर
वरिष्ठ TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर हमला बोला, कहा- उनके अहंकार से पार्टी संकट में है।

कोलकाता | तृणमूल कांग्रेस (TMC) में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने अभिषेक पर अहंकारी होने का आरोप लगाते हुए पार्टी की हालिया चुनावी हार के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया है।

अभिषेक के अहंकार से पार्टी संकट में

वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में मीडिया से बातचीत के दौरान यह विस्फोटक बयान दिया। उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी के अहंकारी रवैये की वजह से पार्टी गहरे संकट में फंस गई है।

कल्याण ने कहा, "मैंने इस पेशे में 45 साल बिताए हैं। अभिषेक समेत कई लोग मेरे जूनियर रहे हैं। फिर भी उन्होंने मुझे अपमानित किया।" उन्होंने कहा कि राजनीति में भी वह अभिषेक से काफी सीनियर हैं।

इस अपमान को असहनीय बताते हुए उन्होंने अभिषेक की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अब अभिषेक बनर्जी से जुड़े किसी भी मामले में वकील के तौर पर पेश नहीं होंगे।

उन्होंने कहा, "उनकी अहंकारी सोच मुझे पसंद नहीं। इसलिए मैं उनका कोई केस नहीं लड़ूंगा।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब पार्टी पहले से ही कई नेताओं के बागी तेवरों का सामना कर रही है।

ममता बनर्जी को सीधी चुनौती

कल्याण बनर्जी सिर्फ अभिषेक पर हमला करके ही नहीं रुके, बल्कि उन्होंने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को भी एक तरह से अल्टीमेटम दे दिया है। यह पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।

अगर आप अभिषेक पर निर्भर रहेंगी तो उनके साथ रहें, मुझे छोड़ दें। लेकिन अगर उनसे अलग होंगी तो मैं आपके साथ हूं।

उनका यह बयान टीएमसी के भीतर पुराने और नए नेताओं के बीच चल रहे सत्ता संघर्ष को उजागर करता है। अभिषेक बनर्जी को पार्टी का युवा चेहरा माना जाता है, लेकिन कई पुराने नेता उनसे नाखुश बताए जाते हैं।

कल्याण बनर्जी का यह बयान उन सभी नाराज नेताओं की आवाज बन गया है जो अब तक चुप थे। पार्टी के भविष्य को लेकर अब कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

पार्टी का भविष्य क्या होगा?

इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक ममता बनर्जी या अभिषेक बनर्जी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पार्टी के कार्यकर्ता और नेता इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कल्याण जैसे अनुभवी और ममता के वफादार नेता का इस तरह खुलकर बोलना पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है। अगर यह विवाद नहीं सुलझा तो टीएमसी को आने वाले समय में बड़ा नुकसान हो सकता है।

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