वाशिंगटन | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ किसी भी कमजोर समझौते से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति ओबामा के कार्यकाल में हुए 2015 के परमाणु समझौते को एक बड़ी आपदा करार दिया।
ओबामा जैसी डील नहीं करेंगे ट्रम्प
ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि या तो ईरान के साथ एक बेहतरीन और मजबूत समझौता होगा या फिर कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।
“जिन्हें ईरान के साथ होने वाले समझौते के बारे में कुछ भी नहीं पता है, वे भी इसकी बुराई कर रहे हैं।” - डोनाल्ड ट्रम्प
अमेरिका-ईरान वार्ता के 4 बड़े घटनाक्रम
1. समझौते पर हस्ताक्षर नहीं
दोनों देशों के बीच फिलहाल किसी समझौते पर दस्तखत नहीं हो सके हैं। इससे पहले रविवार को सीजफायर और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की खबरें आई थीं।
2. ओमान के जरिए ईरान का संदेश
ईरान ने ओमान के माध्यम से अमेरिका तक अपना मौखिक संदेश पहुंचाया है। उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने इस कूटनीतिक संदेश की पुष्टि की है।
3. सुप्रीम लीडर की अंतिम मंजूरी
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने स्पष्ट किया कि देश का कोई भी बड़ा फैसला सुप्रीम लीडर की अनुमति के बिना संभव नहीं होगा।
4. इजराइल की बढ़ती चिंताएं
इस संभावित समझौते से इजराइल बेहद चिंतित है। इजराइली अधिकारियों का मानना है कि इससे ईरान को होर्मुज मार्ग का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए करने की छूट मिलेगी।
निष्कर्ष और प्रभाव
डोनाल्ड ट्रम्प के इस कड़े रुख से साफ है कि अमेरिका अब ईरान पर अत्यधिक दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। आने वाले दिनों में मध्य पूर्व की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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