मुंबई | वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते टकराव का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है। सोमवार को बाजार खुलते ही निवेशकों में भारी हड़कंप मच गया।
सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 405 अंक यानी 0.5 फीसदी की गिरावट के साथ 72,914 के स्तर पर आ गया। वहीं, निफ्टी 50 भी 121 अंक फिसलकर 22,591 पर कारोबार करता दिखा। मिड कैप में 0.8 फीसदी और स्मॉल कैप में 0.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
ट्रंप की 'नर्क' दिखाने की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला, तो उसे गंभीर अंजाम भुगतने होंगे और अमेरिका उसे "नर्क" दिखा देगा।
ट्रंप की इस धमकी के बाद मंगलवार की डेडलाइन को लेकर बाजार में अनिश्चितता का माहौल है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि उसके निशाने पर ईरान के बिजली घर और महत्वपूर्ण पुल भी शामिल हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग
युद्ध की आशंकाओं के बीच कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। अमेरिकी क्रूड 111.92 डॉलर और ब्रेंट क्रूड 110.74 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
पिछले कुछ सत्रों में तेल की कीमतों में लगातार तेजी आई है। सप्ताहांत में भी हालात नहीं सुधरे और अमेरिकी बमबारी जारी रही। ईरान ने एक अमेरिकी लड़ाकू विमान मार गिराया, हालांकि उसके दो पायलटों को सुरक्षित बचा लिया गया।
सोने और चांदी की चमक हुई फीकी
आमतौर पर युद्ध के समय सोने के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार डॉलर की मजबूती ने निवेशकों का गणित बिगाड़ दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.2 फीसदी गिरकर 4,620.68 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
चांदी की कीमतों में भी 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 72.28 डॉलर पर आ गई। इसका मुख्य कारण 10 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड का बढ़ना और ब्याज दर कटौती की उम्मीदों का धुंधला होना है।
ब्याज दरों पर फेड का रुख
अमेरिका में बेरोजगारी के दावे उम्मीद से कम आए हैं, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में नरमी बरतने की संभावना कम हो गई है। इस मजबूत आर्थिक डेटा ने डॉलर को और अधिक शक्तिशाली बना दिया है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा, जहां जापान का निक्केई 1.1 फीसदी चढ़ा। अब सबकी नजरें कल की डेडलाइन पर टिकी हैं कि ईरान क्या कदम उठाता है। यदि तनाव और बढ़ता है, तो बाजार में और बड़ी गिरावट संभव है।