उदयपुर | राजस्थान के उदयपुर जिले के गोगुंदा थाना क्षेत्र में शनिवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब एक विवाहिता अपने लापता पति की तलाश की मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गई। कुंडाऊ गांव की निवासी कमला बाई (27) सुबह करीब 8:30 बजे गांव में निर्माणाधीन पानी की टंकी के शिखर पर पहुंच गई। महिला के इस आत्मघाती कदम से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
43 दिनों का लंबा इंतजार और गुस्सा
महिला का आरोप है कि उसका पति तुलसीराम गमेती (29) पिछले 43 दिनों से लापता है। उसने चिल्लाते हुए कहा कि पुलिस अब तक उसके पति का सुराग लगाने में पूरी तरह विफल रही है। कमला ने चेतावनी दी कि जब तक उसके पति के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल जाती, वह टंकी से नीचे नहीं उतरेगी। इस दौरान मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
परिजनों के अनुसार, तुलसीराम 15 फरवरी से लापता है। आरोप है कि वेणी सिंह नामक व्यक्ति उसे सीमेंट खाली कराने के बहाने ले गया था, जिसके बाद वह कभी घर वापस नहीं लौटा। पीड़ित महिला ने बताया कि तुलसीराम परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य है। उसके तीन छोटे बच्चे हैं, जिनके सामने अब दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने की समझाइश
घटना की जानकारी मिलते ही गोगुंदा उपखंड अधिकारी शुभम भैसारे और थानाधिकारी श्याम सिंह चारण पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घंटों तक महिला से संवाद किया। ग्रामीणों में भी पुलिस के खिलाफ भारी रोष देखा गया। लोगों का कहना है कि बार-बार नामजद रिपोर्ट देने के बावजूद पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
1 लाख रुपये के इनाम की घोषणा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अब तुलसीराम की तलाश तेज करने का दावा किया है। पुलिस ने लापता युवक के पोस्टर जारी किए हैं और सूचना देने वाले को इनाम देने की बात कही है। थानाधिकारी श्याम सिंह ने बताया कि जो भी व्यक्ति तुलसीराम के बारे में सटीक जानकारी देगा, उसे 1 लाख रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।
आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला
प्रशासनिक अधिकारियों के कड़े आश्वासन और जांच में तेजी लाने के वादे के बाद कमला बाई टंकी से नीचे उतरने को राजी हुई। पुलिस ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। फिलहाल, पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही तुलसीराम का पता नहीं चला, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।