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शिवसेना यूबीटी में बदलाव: दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे कर सकते हैं बड़ा ऐलान

thinQ360 · 20 अक्टूबर 2026, 04:03 दोपहर
दादर के शिवाजी पार्क में आयोजित होने वाली दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे शिवसेना यूबीटी के संगठन में बड़े फेरबदल का ऐलान कर सकते हैं, जिसमें आदित्य और तेजस को नई भूमिका मिलने की संभावना है।

दशहरा रैली में बड़े फेरबदल की तैयारी

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) में बड़े संगठनात्मक बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। दादर के शिवाजी पार्क में आज होने वाली दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे पार्टी संगठन को लेकर बड़ा ऐलान कर सकते हैं।

सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व में नई पीढ़ी को आगे लाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

नई जिम्मेदारियों की संभावना

पार्टी सूत्रों के अनुसार, संगठनात्मक ढांचे में कई बदलाव संभावित हैं:

उद्धव ठाकरे पिछले करीब दो दशक से शिवसेना का नेतृत्व कर रहे हैं। हाल के समय में स्वास्थ्य कारणों से उनके राज्यव्यापी दौरे कम हुए हैं।

ऐसे में पार्टी संगठन में नई पीढ़ी को अधिक जिम्मेदारी देने की मांग उठ रही है। इसी पृष्ठभूमि में आदित्य ठाकरे को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की चर्चा जोरों पर है।

दशहरा रैली की ऐतिहासिक परंपरा

शिवसेना की राजनीति में दशहरा रैली का विशेष महत्व रहा है। दिवंगत बालासाहेब ठाकरे हर साल इस रैली के जरिए शिवसैनिकों को संबोधित करते थे।

वे इस मंच से पार्टी की आगे की राजनीतिक दिशा स्पष्ट करते थे। उनके बाद उद्धव ठाकरे ने भी इस परंपरा को जारी रखा है।

यही वजह है कि इस बार की रैली को संगठनात्मक बदलावों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

सरकार पर निशाने की तैयारी

रैली से पहले शिवसेना (यूबीटी) ने एक पोस्टर जारी किया है। इसमें लोकतंत्र की रक्षा और कथित तानाशाही के खिलाफ हुंकार भरने का संदेश दिया गया है।

‘तानाशाही को झटका देने और लोकतंत्र को बरकरार रखने के लिए आइए, हुंकार भरें।’

इस संदेश के बाद माना जा रहा है कि उद्धव ठाकरे अपने संबोधन में केंद्र और महाराष्ट्र सरकार पर तीखा निशाना साध सकते हैं।

एकनाथ शिंदे गुट की अलग रैली

दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना भी अपनी दशहरा रैली आयोजित कर रही है। यह रैली नेस्को सेंटर में आयोजित की जाएगी।

शिंदे गुट ने रैली के स्वरूप में बदलाव किया है और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को हटाकर नेताओं के भाषणों पर जोर रखा है। यह कार्यक्रम लगभग दो से ढाई घंटे में समाप्त होगा।

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