बीकानेर |समाज को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाने के लिए देशभर में एक क्रियात्मक माहौल तैयार करने की पहल की जा रही है। यह महत्वपूर्ण घोषणा पूर्व आईएएस और यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन (यूजीपीएफ) के सलाहकार राजेन्द्र सिंह शेखावत ने बीकानेर में की।
UGPF का आत्मनिर्भर समाज का विजन: यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन का आत्मनिर्भर समाज का विजन
पूर्व आईएएस और यूजीपीएफ सलाहकार राजेन्द्र सिंह शेखावत ने बीकानेर में समाज को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का विजन प्रस्तुत किया। फाउंडेशन स्टार्टअप्स में निवेश करेगा और महिलाओं की भागीदारी पर जोर देगा।
HIGHLIGHTS
- यूजीपीएफ का लक्ष्य समाज को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।
- फाउंडेशन नए स्टार्टअप्स में निवेश करेगा और महिलाओं की भागीदारी पर जोर देगा।
- 2030 तक स्वयं का मजबूत आर्थिक तंत्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
- अगला राजपूताना बिजनेस कॉन्क्लेव 2028 में उज्जैन में आयोजित किया जाएगा।
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अखंड राजपूताना सेवा संघ द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के समापन समारोह में उन्होंने यह विचार रखे। इस दौरान यूजीपीएफ के निदेशक ब्रिगेडियर जितेन्द्रसिंह शेखावत और सलाहकार के.के. बोहरा भी मौजूद रहे।
यूजीपीएफ का विजन और सामाजिक उत्थान
राजेन्द्र सिंह शेखावत ने यूजीपीएफ के विजन और समाज के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एक मजबूत संगठन के बैनर तले आने के बाद किसी भी सदस्य को अपनी आर्थिक जरूरतों के लिए सरकार पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी।
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ठोस आर्थिक मॉडल की तैयारी
शेखावत ने कहा कि फाउण्डेशन के चेयरमैन मेघराज सिंह रॉयल की ओर से समाज को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए एक ठोस आर्थिक मॉडल तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मेघराज सिंह रॉयल और उनकी टीम जातिवाद का उन्मूलन, पर्यावरण संरक्षण और बेरोजगारी मिटाने के संकल्प के साथ काम कर रही है।
स्टार्टअप्स में निवेश और महिला सशक्तिकरण
यूजीपीएफ सलाहकार द्वारा रखे गए इस विजन का समर्थन करते हुए राजस्थान प्रदेश प्रभारी जितेन्द्र सिंह पचार ने बताया कि इस संस्थान से होने वाला सीधा लाभ सदस्यों को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि युवाओं को व्यावसायिक क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए नए स्टार्टअप्स में भी निवेश किया जाएगा।
संगठन को विकसित करने के लिए सक्षम लोगों को चिन्हित किया जा रहा है और विशेष रूप से महिलाओं की कैपिटल सदस्यता शुरू करने पर जोर दिया गया है।
2030 तक का लक्ष्य: मजबूत आर्थिक तंत्र
इस पहल के दूरगामी परिणामों पर बात करते हुए राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष राजवी त्रिभुवन सिंह ने कहा कि लक्ष्य यह है कि वर्ष 2030 के बाद किसी भी व्यवसायी को आर्थिक मदद के लिए बाहरी बैंक कैंपस में जाने की आवश्यकता न पड़े।
उन्होंने जोर देकर कहा, "जब लोगों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा, तो वे संगठन से दिल से जुड़ेंगे। आने वाले समय में काम पूरी तरह मेरिट के आधार पर होगा।"
सामूहिक प्रयासों की सराहना
पूर्व आरएएस और राजपूताना ऑफिसर्स क्लब के चैन सिंह राठौड़ ने यूजीपीएफ संस्था और मेघराजसिंह रॉयल जैसे भामाशाहों की ओर से शुरू की गई पहल की सराहना की।
उन्होंने कहा, "एक दीप से अनेक दीप जलते हैं, ऐसे सामूहिक प्रयास देशभर में शुरू होने चाहिए जिससे समाज को एक नई दिशा मिल सके।"
भविष्य की रणनीति और अगला कॉन्क्लेव
कार्यक्रम के समापन पर एक राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें संगठन की भविष्य की रणनीतियों, आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
अध्यक्ष आरपी सिंह ने बताया कि भविष्य में संगठन का कार्य सुचारु रूप से चले, इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
उज्जैन में होगा 2028 का आयोजन
इसी कड़ी में, समाज के व्यापारिक दृष्टिकोण को और मजबूत करने के लिए अगला राजपूताना बिजनेस कॉन्क्लेव 7 से 9 जनवरी 2028 तक उज्जैन में आयोजित किया जाएगा। इस बड़े आयोजन की जिम्मेदारी उज्जैन के होटल व्यवसायी संजय सिंह को सौंपी गई है।
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