नई दिल्ली |
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव गहराता जा रहा है, जिसका सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर दिखाई देने लगा है। अमेरिका की ओर से लगातार दूसरे दिन ईरान पर हमले किए जाने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। इस ताजा सैन्य कार्रवाई से दुनियाभर के बाजारों में तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है।
कच्चे तेल की कीमतों में क्यों आया उछाल?
गुरुवार को ब्रेंट क्रूड 0.95 प्रतिशत की तेजी के साथ 78.68 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
इसने दिन के दौरान 79.15 डॉलर का उच्च स्तर भी छुआ।
वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चे तेल के भाव में भी 1.01 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसके बाद यह 74.26 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
ट्रंप के बयान से बढ़ी चिंताएं
तेल की कीमतों में इस उछाल का मुख्य कारण मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की में नाटो शिखर सम्मेलन में एक बड़ा बयान दिया।
उन्होंने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम 'खत्म' हो गया है, जिससे मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गईं और तेल की कीमतों में भारी उछाल आया।
अमेरिकी शेयर बाजार पर भी असर
डॉव जोन्स में बड़ी गिरावट
इस वैश्विक अनिश्चितता का असर अमेरिकी शेयर बाजार पर भी देखने को मिला।
बुधवार को डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 576.76 अंक यानी 1.09 फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ 52,348.39 के स्तर पर बंद हुआ।
एसएंडपी और नैस्डैक का हाल
एसएंडपी 500 सूचकांक भी 0.28 प्रतिशत टूटकर 7,482.71 पर आ गया।
हालांकि, नैस्डैक कंपोजिट में मामूली 0.2 प्रतिशत की बढ़त देखी गई और यह 25,870.65 पर बंद हुआ।
अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन किए हमले
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ने बुधवार रात ईरान पर फिर से हमले किए।
यह कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा आठ सप्ताह के युद्धविराम को खत्म करने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद हुई।
ट्रंप ने मंगलवार के हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि वॉशिंगटन पहले ही तेहरान पर 'बहुत जोरदार' हमला कर चुका है।
उन्होंने भविष्य में और सैन्य कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया।
ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को 'अविश्वसनीय' बताते हुए उन पर बातचीत के दौरान बार-बार अपना रुख बदलने का आरोप लगाया।
अमेरिका ने दी कड़े जवाब की चेतावनी
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि ईरान ने कमर्शियल जहाजों पर हमले फिर से शुरू कर दिए हैं, जो हालिया समझौते का स्पष्ट उल्लंघन है।
वेंस ने चेतावनी दी कि होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात को बाधित करने की किसी भी कोशिश का अमेरिका और अधिक कड़ा सैन्य जवाब देगा।
उन्होंने साफ कहा, 'यदि जहाजों पर हमले जारी रहे तो अमेरिका भी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा।'
वेंस ने कहा, 'समझौता बिल्कुल साफ है, यदि वे हमला करेंगे, तो हम करारा जवाब देंगे।' हालांकि, उन्होंने संभावित सैन्य विकल्पों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
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