जयपुर | क्रिकेट की दुनिया में जहां ज्यादातर खिलाड़ी टीम में जगह बनाने का सपना देखते हैं, वहीं एक युवा सितारे ने अपने लिए कहीं बड़ा लक्ष्य तय किया है। राजस्थान रॉयल्स के प्रतिभाशाली बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का कहना है कि उनका मकसद सिर्फ खेलना नहीं, बल्कि अगले 10-20 सालों तक क्रिकेट पर राज करना है।
महज 15 साल की उम्र में अपने प्रदर्शन से सबको चौंकाने और इंडिया कॉल-अप हासिल करने वाले वैभव के इरादे आसमान छू रहे हैं। वह रिकॉर्ड्स या अवॉर्ड्स की चकाचौंध से आगे की सोच रखते हैं।
खेल पर राज करने का सपना
राजस्थान रॉयल्स द्वारा साझा किए गए एक इंटरव्यू में वैभव ने अपनी महत्वाकांक्षाओं के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने साफ किया कि वह सिर्फ एक और क्रिकेटर बनकर नहीं रहना चाहते जो कुछ साल खेलकर संन्यास ले ले।
उनका सपना है कि जब भी वह मैदान पर उतरें, तो एक मैच विनर के तौर पर अपनी पहचान बनाएं। वह चाहते हैं कि लोग उन्हें एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में याद रखें जो अकेले दम पर मैच का पासा पलट सकता है।
हर मैच को खत्म करने की सोच
वैभव ने कहा, "मैं जब क्रिकेट खेलूं, अगले 20 साल तक, जितने दिन भी खेलूं, इस तरीके से खेलूं कि जब लोग मैच देखें तो बोलें कि एक खिलाड़ी है, जो जब भी खेलता है तो वो अकेले ही मैच खत्म करता है।"
यह सोच उनके खेल में भी साफ झलकती है। आईपीएल के दौरान दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों के खिलाफ पहली गेंद से आक्रमण करना हो या अल्ट्रा-एग्रेसिव स्ट्राइक रेट बनाए रखना, वैभव ने अपनी उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्वता और निडरता दिखाई है।
'सिर्फ खेलना नहीं, 10-20 साल तक हावी होना है'
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज के लिए 'हावी होना' सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि उनकी हर दिन की मेहनत का अंतिम लक्ष्य है। वह मैदान पर अपना दबदबा कायम करना चाहते हैं।
“वो डॉमिनेंस दिखना चाहिए, क्योंकि उसी चीज के लिए मैं मेहनत कर रहा हूं। सिर्फ ऐसा नहीं कि बस खेल खेला और खेल खत्म। ऐसा खेलना है कि सिर्फ खेलना नहीं है, 10-20 साल तक डॉमिनेट करना है और अच्छा क्रिकेट खेलना है।”
इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि वैभव का ध्यान व्यक्तिगत उपलब्धियों से कहीं ज्यादा खेल पर एक स्थायी प्रभाव छोड़ने पर है। उनके लिए लंबा करियर सिर्फ एक पड़ाव है, असली मंजिल तो अपनी पीढ़ी के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक बनना है।
खेल का आनंद लेना सर्वोपरि
अपने आस-पास बढ़ती शोहरत और उम्मीदों के बावजूद, वैभव ने कहा कि वह आज भी क्रिकेट को उसी जुनून और आनंद के साथ देखते हैं जिसने उन्हें इस खेल की ओर आकर्षित किया था।
उन्होंने कहा, "मैंने खेलना इसलिए शुरू किया, क्योंकि मैं एन्जॉय करना चाहता था। इसलिए, मैं अपनी लाइफटाइम गेम को एन्जॉय करना चाहता हूं और अच्छा खेलना चाहता हूं।"
वैभव सूर्यवंशी की यह सोच न केवल उन्हें अपने साथियों से अलग करती है, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट के एक उज्ज्वल और महत्वाकांक्षी भविष्य का संकेत भी देती है। उनका लक्ष्य सिर्फ टीम का हिस्सा बनना नहीं, बल्कि एक ऐसी विरासत बनाना है जिसे आने वाले कई सालों तक याद रखा जाएगा।
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