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Cricket: IPL वाली गेंद बनी विलेन, वैभव अर्धशतक से चूके

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 11 जून 2026, 02:40 दोपहर
अफगानिस्तान ए के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी फिर बाउंसर पर आउट हुए, 44 रन बनाकर अर्धशतक से चूके।

दांबुला | भारतीय क्रिकेट के 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर अपनी पुरानी कमजोरी का शिकार हो गए। दांबुला में अफगानिस्तान ए के खिलाफ इंडिया ए के लिए खेलते हुए, वह अपने पहले अर्धशतक से महज 6 रन से चूक गए और 44 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

सबसे चिंता की बात यह है कि वैभव उसी तरह की गेंद पर आउट हुए, जिसने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी उनकी पारी का अंत किया था - ऑफ-स्टंप के बाहर की एक घातक बाउंसर।

IPL वाला 'विलेन' फिर बना काल

अफगानिस्तान ए के गेंदबाजों ने वैभव के खिलाफ वही रणनीति अपनाई जो IPL में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने अपनाई थी। SRH ने एलिमिनेटर मैच में वैभव को लगातार ऑफ-स्टंप के बाहर बाउंसर फेंककर शॉट मारने के लिए ललचाया था।

उस मैच में वह थर्ड-मैन पर कैच दे बैठे थे। तब अपनी गलती पर वैभव ने कहा था,

"मैंने गेंद के बजाय फील्डर को खेलने की कोशिश की थी।"

दांबुला में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। अफगानी गेंदबाज अब्दुल्ला अहमदजई ने राउंड द विकेट आकर वैभव को हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया।

उन्होंने लगातार उन्हें शरीर से दूर गेंदबाजी की। आखिरकार, पांचवें स्टंप की लाइन पर फेंकी गई एक सटीक बाउंसर पर वैभव खुद को रोक नहीं पाए।

गेंद को कट करने का प्रयास महंगा पड़ा और बल्ले का बाहरी किनारा लेकर गेंद सीधे विकेटकीपर के दस्तानों में समा गई। आउट होते ही वैभव ने अपनी गलती स्वीकार की।

22 गेंदों में मचाया तहलका, दिखी तेंदुलकर की झलक

भले ही वैभव अर्धशतक से चूक गए, लेकिन अपनी छोटी सी पारी में उन्होंने भविष्य की शानदार झलक दिखाई। उन्होंने महज 22 गेंदों का सामना करते हुए 200 की तूफानी स्ट्राइक रेट से 44 रन बनाए।

इस पारी में उन्होंने अफगानी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। अफगानिस्तान ने उनके लिए एक मजबूत ऑफ-साइड फील्ड सजाई थी, लेकिन वैभव ने कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई।

अफगानी गेंदबाजों के छुड़ाए पसीने

उन्होंने गेंदों को बहुत लेट खेला और बड़ी आसानी से फील्डरों के बीच से गैप ढूंढ निकाले। उनकी बल्लेबाजी में परिपक्वता और आक्रामकता का शानदार मिश्रण दिखा।

पारी के दौरान एक पल ऐसा भी आया जब फैंस को महान सचिन तेंदुलकर की याद आ गई। वैभव ने अपने पंजों पर खड़े होकर बैक-फुट से एक शानदार कवर-ड्राइव लगाया।

यह शॉट 1991-92 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर युवा सचिन द्वारा लगाए गए शॉट्स की याद दिला रहा था। यह दिखाता है कि इस युवा खिलाड़ी में कितनी प्रतिभा है।

वैभव ने IPL में राजस्थान रॉयल्स (RR) के लिए खेलते हुए क्वालिफायर-2 में भी दबाव में शानदार प्रदर्शन किया था। इस पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के लिए तैयार हैं, बस उन्हें अपनी एक कमजोरी पर काम करना होगा।

यह पारी वैभव के लिए एक सबक की तरह है। उनमें प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होने के लिए उन्हें ऑफ-स्टंप के बाहर की बाउंसर के खिलाफ अपने खेल को और मजबूत करना होगा।

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