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क्रिकेट का नया सूरज: वैभव सूर्यवंशी!: 14 साल में IPL शतक, कौन है ये बिहारी लड़का वैभव सूर्यवंशी?

Pradeep Beedawat · 28 मई 2026, 07:46 सुबह
बिहार के 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने IPL में सबसे कम उम्र में शतक लगाकर इतिहास रच दिया। जानिए उनकी पूरी कहानी।

जयपुर |

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 का एक सामान्य सा दिखने वाला मैच अचानक इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया।

जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटन्स के बीच मुकाबला चल रहा था।

तभी मैदान पर एक 14 साल के लड़के ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया।

उस लड़के का नाम है वैभव सूर्यवंशी, जिसने सिर्फ 38 गेंदों में 101 रन बनाकर T20 क्रिकेट का हर रिकॉर्ड तोड़ दिया।

कौन हैं वैभव सूर्यवंशी? बिहार से IPL तक का सफर

यह कहानी किसी सपने के सच होने जैसी है। वैभव का जन्म 27 मार्च 2011 को बिहार के एक साधारण परिवार में हुआ।

बचपन से ही क्रिकेट उनके खून में था। उनके पिता ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उसे निखारने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

वैभव बाएं हाथ के एक आक्रामक टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज हैं और साथ ही स्लो लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स गेंदबाजी भी करते हैं।

बिहार की गलियों से निकला 'वंडर किड'

वैभव ने बहुत ही कम उम्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाना शुरू कर दिया था।

स्थानीय टूर्नामेंट्स में उनके बल्ले की गूंज दूर-दूर तक सुनाई देने लगी थी।

लोग उन्हें बिहार का 'वंडर किड' कहने लगे थे, जो आने वाले समय में बड़ा नाम करने वाला था।

उनकी बल्लेबाजी में एक नैसर्गिक आक्रामकता और आत्मविश्वास था जो उनकी उम्र के बच्चों में कम ही देखने को मिलता है।

रणधीर वर्मा टूर्नामेंट: जब पहली बार चमके वैभव

वैभव पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर तब सुर्खियों में आए जब उन्होंने बिहार के प्रतिष्ठित अंडर-19 रणधीर वर्मा टूर्नामेंट में नाबाद 332 रनों की विशाल पारी खेली।

इस तिहरे शतक ने चयनकर्ताओं और क्रिकेट पंडितों का ध्यान उनकी ओर खींचा।

यह सिर्फ एक बड़ी पारी नहीं थी, बल्कि एक युवा खिलाड़ी के असाधारण धैर्य और क्षमता का प्रमाण थी।

इसके बाद उन्हें भारत की अंडर-19 टीम में चुन लिया गया, जहां से उनके पेशेवर करियर की असली शुरुआत हुई।

IPL 2025: जब 13 साल के लड़के ने रचा इतिहास

साल 2025 का IPL ऑक्शन वैभव के जीवन का सबसे बड़ा मोड़ लेकर आया।

इस ऑक्शन ने न केवल वैभव की जिंदगी बदली, बल्कि IPL के नियमों को भी चुनौती दे डाली।

ऑक्शन का वो यादगार दिन

जब ऑक्शन में वैभव का नाम पुकारा गया, तो हर कोई हैरान था। सिर्फ 13 साल की उम्र में वह IPL ऑक्शन का हिस्सा बनने वाले सबसे युवा खिलाड़ी थे।

कई टीमों ने उनमें दिलचस्पी दिखाई, लेकिन अंत में राजस्थान रॉयल्स ने 1.1 करोड़ रुपये की भारी बोली लगाकर उन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया।

यह एक ऐतिहासिक पल था। एक 13 साल का लड़का अब दुनिया की सबसे बड़ी T20 लीग में खेलने के लिए तैयार था।

ड्रीम डेब्यू: पहली गेंद पर छक्का

IPL 2025 सीजन की शुरुआत में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन चोटिल हो गए।

इसने वैभव के लिए दरवाजे खोल दिए। उन्हें लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ अपना IPL डेब्यू करने का मौका मिला।

मैदान पर उतरते ही उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर को एक शानदार छक्का जड़ दिया।

इस एक शॉट ने बता दिया कि यह खिलाड़ी किसी भी दबाव से डरने वाला नहीं है। उस मैच में उन्होंने 20 गेंदों पर 34 रनों की एक प्रभावशाली पारी खेली।

रिकॉर्डतोड़ शतक: जिसने दुनिया को चौंका दिया

डेब्यू के कुछ मैचों बाद गुजरात टाइटन्स के खिलाफ वह ऐतिहासिक दिन आया।

राजस्थान रॉयल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए जल्दी विकेट खो दिए थे। टीम दबाव में थी।

तब 14 वर्षीय वैभव ने क्रीज पर कदम रखा और मैच का रुख ही बदल दिया।

गुजरात टाइटन्स के खिलाफ ऐतिहासिक पारी

वैभव ने आते ही गुजरात के गेंदबाजों पर धावा बोल दिया। उन्होंने मैदान के हर कोने में स्ट्रोक्स खेले।

देखते ही देखते उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया और फिर शतक की ओर बढ़ चले।

उन्होंने सिर्फ 35 गेंदों पर अपना शतक पूरा कर लिया, जो IPL इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक था।

उनकी 38 गेंदों में 101 रन की पारी ने न केवल राजस्थान को एक विशाल स्कोर तक पहुंचाया, बल्कि उन्हें T20 क्रिकेट का सबसे युवा शतकवीर भी बना दिया।

तकनीक और तेवर का बेजोड़ संगम

वैभव की बल्लेबाजी सिर्फ आक्रामकता का खेल नहीं है। उनकी तकनीक भी बेहद solide है।

उनके कवर ड्राइव, पुल शॉट और कट शॉट में एक क्लास नजर आती है।

वह स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों को समान सहजता से खेलते हैं। उनका फुटवर्क और हैंड-आई कोऑर्डिनेशन कमाल का है।

यह संयोजन उन्हें एक संपूर्ण बल्लेबाज बनाता है, जो किसी भी परिस्थिति में रन बना सकता है।

अंडर-19 क्रिकेट में भी दिखाया दम

IPL में आने से पहले ही वैभव अंडर-19 स्तर पर भारत के लिए शानदार प्रदर्शन कर चुके थे।

उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी दिया था।

विदेशी धरती पर भारतीय ध्वज का मान

ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ एक चार दिवसीय मैच में उन्होंने सिर्फ 58 गेंदों पर शतक जड़कर सभी को चकित कर दिया था।

इसके अलावा, 2024 के ACC अंडर-19 एशिया कप में भी वह भारत के प्रमुख रन-स्कोरर में से एक थे, जहां उन्होंने 44 की औसत से 176 रन बनाए।

इन प्रदर्शनों ने साबित कर दिया था कि वैभव सिर्फ T20 के ही नहीं, बल्कि लंबे प्रारूप के भी बेहतरीन खिलाड़ी हैं।

क्या है वैभव की सफलता का राज?

इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी सफलता के पीछे सिर्फ प्रतिभा ही नहीं, बल्कि और भी कई कारण हैं।

उनकी सफलता का श्रेय उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और मानसिक मजबूती को जाता है।

आक्रामक लेकिन शांत स्वभाव

मैदान पर वैभव का रवैया बेहद आक्रामक होता है, लेकिन उनका दिमाग हमेशा शांत रहता है।

वह दबाव की स्थितियों में भी घबराते नहीं हैं और खेल को अच्छी तरह से पढ़ते हैं।

यह मानसिक संतुलन ही उन्हें अपनी उम्र के अन्य खिलाड़ियों से अलग करता है।

वह अपनी क्षमताओं पर विश्वास करते हैं और किसी भी गेंदबाज का सामना करने से नहीं डरते।

भविष्य का 'सुपरस्टार': क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

क्रिकेट जगत के बड़े-बड़े दिग्गज वैभव को भारतीय क्रिकेट का अगला सुपरस्टार मान रहे हैं।

उनकी तुलना महान सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों से की जा रही है, जिन्होंने कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई थी।

एक प्रसिद्ध क्रिकेट कमेंटेटर ने कहा, "वैभव सूर्यवंशी सिर्फ एक प्रतिभा नहीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी की प्रेरणा हैं। उनकी निडरता और मानसिक मजबूती उन्हें सबसे अलग बनाती है। वह भारत के लिए लंबे समय तक खेलने वाले हैं।"

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैभव अपनी फिटनेस और फॉर्म को बनाए रखते हैं, तो वह दिन दूर नहीं जब वह भारतीय सीनियर टीम की नीली जर्सी में नजर आएंगे।

उनकी बल्लेबाजी शैली और रिकॉर्ड्स उन्हें भारतीय क्रिकेट के भविष्य के रूप में स्थापित करते हैं।

राजस्थान रॉयल्स के लिए IPL 2025 सीजन में उन्होंने 7 मैचों में 206.55 की अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 252 रन बनाए, जो उनकी काबिलियत को दर्शाता है।

वैभव सूर्यवंशी की कहानी यह साबित करती है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। जुनून और कड़ी मेहनत से किसी भी मंजिल को हासिल किया जा सकता है।

बिहार के एक छोटे से शहर से निकलकर क्रिकेट की दुनिया पर छा जाने वाला यह युवा सितारा आज करोड़ों युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत बन चुका है।

यह सिर्फ एक शुरुआत है। वैभव का सफर अभी बहुत लंबा है और भारतीय क्रिकेट को उनसे बहुत उम्मीदें हैं। वह वाकई में भारतीय क्रिकेट के चमकते सूरज हैं।

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