गुवाहाटी | आईपीएल 2025 के एक रोमांचक मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियंस के बीच भिड़ंत हुई। इस मैच में सबकी नजरें एक 15 साल के किशोर पर टिकी थीं। वैभव सूर्यवंशी ने मैदान पर उतरते ही वह कारनामा कर दिखाया जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी। उन्होंने दुनिया के सबसे घातक गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को अपना निशाना बनाया। मैच के दौरान जब बुमराह और वैभव का आमना-सामना हुआ, तो स्टेडियम का माहौल उत्साह से भर गया। वैभव ने पहली ही गेंद पर अपनी क्लास दिखा दी।
बुमराह की पहली गेंद पर छक्का
जसप्रीत बुमराह अपनी सटीक यॉर्कर और गति के लिए जाने जाते हैं। लेकिन वैभव ने बिना किसी डर के उनकी पहली गेंद का सामना किया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने बुमराह की तेज गेंद को लॉन्ग ऑन के ऊपर से सीधे बाउंड्री के पार भेज दिया। यह शॉट इतना शानदार था कि बुमराह भी मुस्कुराने लगे। 15 साल के लड़के का यह आत्मविश्वास देखकर क्रिकेट प्रेमी दंग रह गए। बुमराह जैसे दिग्गज के खिलाफ ऐसी शुरुआत करना वाकई में काबिले तारीफ था।
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धीमी गेंद को भांपा और जड़ा दूसरा छक्का
वैभव यहीं नहीं रुके। उन्होंने यशस्वी जायसवाल के साथ स्ट्राइक रोटेट की और फिर बुमराह का सामना करने वापस आए। बुमराह ने चौथी गेंद पर अपनी रणनीति बदली और धीमी गेंद (Slower Ball) फेंकी। वैभव ने गेंद की गति को समय रहते भांप लिया। उन्होंने तुरंत पोजीशन बदली और गेंद को मिड विकेट स्टैंड्स में पहुंचा दिया। एक ही ओवर में बुमराह को दो छक्के जड़ना कोई मामूली बात नहीं है। वैभव की तकनीक और मानसिक मजबूती ने सभी को प्रभावित किया।
दिग्गजों को पछाड़ा
वैभव के इस कारनामे ने कई बड़े रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया है। टी20 क्रिकेट के कई बड़े नाम बुमराह के सामने संघर्ष करते नजर आते हैं। आंकड़े बताते हैं कि संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल जैसे सितारे भी बुमराह के खिलाफ छक्का मारने में सफल नहीं रहे हैं। इतना ही नहीं, निकोलस पूरन और ट्रैविस हेड जैसे आक्रामक खिलाड़ी भी इस सूची में शामिल हैं। वैभव ने इन सभी दिग्गजों को एक झटके में पीछे कर दिया और अपनी अलग पहचान बनाई।
छोटी मगर प्रभावशाली पारी
वैभव सूर्यवंशी की पारी भले ही लंबी नहीं थी, लेकिन इसका प्रभाव बहुत गहरा रहा। उन्होंने महज 14 गेंदों में 39 रन बनाए। उनकी इस आक्रामक बल्लेबाजी ने राजस्थान रॉयल्स को एक मजबूत शुरुआत दी। मैच के बाद से ही हर तरफ वैभव के टैलेंट की चर्चा हो रही है। यह प्रदर्शन साबित करता है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। वैभव ने दिखा दिया कि उम्र सिर्फ एक नंबर है और प्रतिभा किसी भी बाधा को पार कर सकती है।