राजस्थान

देवनानी का शिक्षा पर बड़ा संदेश: देवनानी बोले: प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 19 मई 2026, 11:36 दोपहर
अजमेर में विधानसभा अध्यक्ष ने 300 विद्यार्थियों को बांटी सहायता, शिक्षा को बताया राष्ट्र का आधार।

अजमेर | राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रतिभा कभी भी सीमित संसाधनों की मोहताज नहीं होती। आवश्यकता केवल उचित मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और अवसर की होती है। सही दिशा मिलने पर बच्चे देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

वे सिंधी शिक्षा विकास समिति द्वारा आदर्श विद्या निकेतन में आयोजित प्रोत्साहन राशि वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में लगभग 300 विद्यार्थियों को उनकी शिक्षा जारी रखने के लिए वित्तीय सहयोग प्रदान किया गया।

शिक्षा: संस्कार और राष्ट्र निर्माण का आधार

देवनानी ने कहा कि शिक्षा रोजगार का माध्यम होने के साथ-साथ संस्कार और व्यक्तित्व विकास का आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासित और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया।

उनके अनुसार, कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर परिश्रम करने वाले विद्यार्थी ही जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं। समाज के सक्षम वर्ग को आगे आकर शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग करना चाहिए ताकि कोई प्रतिभा पीछे न रहे।

20 वर्षों से सेवा में जुटी समिति

सिंधी शिक्षा विकास समिति पिछले 20 वर्षों से बच्चों के शैक्षिक उत्थान के लिए कार्य कर रही है। संस्था विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य सामग्री, स्कूल बैग, यूनिफॉर्म, स्वेटर और विद्यालय शुल्क जैसी सहायता उपलब्ध कराती है।

इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब दिखने लगे हैं। समाज के अनेक विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल कर रहे हैं। देवनानी ने समिति के इन सेवा कार्यों की जमकर प्रशंसा की।

"आज के विद्यार्थी ही कल के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। यदि बच्चों को सही दिशा, संस्कार और अवसर मिलते हैं, तो वे समाज एवं राष्ट्र का गौरव बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।"

नैतिक मूल्यों का महत्व

देवनानी ने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संस्कारवान युवा ही एक मजबूत राष्ट्र की नींव रख सकते हैं।

पूर्व पार्षद रमेश चेलानी ने बताया कि समिति सामाजिक सरोकारों के तहत त्योहारों पर बच्चों के बीच मिठाई और सामग्री बांटती है। संस्था का मुख्य लक्ष्य जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ना है।

स्वरोजगार और कौशल विकास

समारोह में राजा डी. थारवानी ने युवाओं को स्वरोजगार और रोजगारोन्मुख गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में शिक्षा के साथ हुनर होना भी बहुत आवश्यक है।

इस अवसर पर समाज के कई गणमान्य नागरिक और समाजसेवी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाने वाला साबित हुआ। शिक्षा के प्रति यह सामूहिक प्रयास भविष्य में बड़े सकारात्मक बदलाव लाएगा।

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