लाडनूं | राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने लाडनूं प्रवास के दौरान जैन विश्व भारती संस्थान में आयोजित युवा सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने युवाओं को संस्कारवान बनने और राष्ट्रहित में अपनी ऊर्जा लगाने के लिए प्रेरित किया।
आचार्य महाश्रमण से लिया आशीर्वाद
विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने जैन विश्व भारती पहुंचकर शांतिदूत आचार्य महाश्रमण जी के दर्शन किए और उनसे गहन आध्यात्मिक चर्चा की। उन्होंने राज्य की खुशहाली और जनहित के कार्यों के लिए आचार्य श्री का विशेष मार्गदर्शन भी प्राप्त किया। देवनानी ने कहा कि आचार्य महाश्रमण पूरे विश्व को मानवता, शांति और नैतिकता का संदेश दे रहे हैं। युवाओं को इन महापुरुषों के विचारों को आत्मसात कर भारतीय मूल्यों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का प्रयास करना चाहिए।
नए भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका
सम्मेलन को संबोधित करते हुए देवनानी ने कहा कि भारत केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि हमारी कर्मभूमि और पुण्यभूमि है। उन्होंने जोर दिया कि विकसित भारत के सपने को पूरा करने में देश की युवा शक्ति का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है। भारत कोई जमीन का टुकड़ा नहीं बल्कि हमारी जन्म भूमि, कर्म भूमि और पुण्य भूमि है। देश के नवनिर्माण में युवाओं की भूमिका सर्वोपरि है।
सेवा और संस्कारों का संगम
देवनानी ने तेरापंथ युवक परिषद द्वारा चलाए जा रहे रक्तदान और नशा मुक्ति जैसे सेवा कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकल्प समाज को नई दिशा देते हैं और युवाओं को सामाजिक समरसता के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने उपस्थित युवाओं का आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा का उपयोग केवल व्यक्तिगत विकास के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र हित और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए भी करें।
वैश्विक पटल पर भारतीय मूल्य
देवनानी के अनुसार, भारतीय संस्कारों और मूल्यों को पूरे विश्व में स्थापित करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़कर आधुनिकता और आध्यात्मिकता के बीच सही तालमेल बिठाना होगा। इस कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि और समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। देवनानी के इस दौरे और उनके ओजस्वी संबोधन ने स्थानीय युवाओं में नया उत्साह भर दिया है, जो राष्ट्र सेवा की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
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