नई दिल्ली | राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात सिन्धी भाषा में भारतीय संविधान के विमोचन समारोह से पहले आयोजित की गई थी। इस खास अवसर पर देवनानी ने उपराष्ट्रपति को विधानसभा सचिवालय द्वारा प्रकाशित महत्वपूर्ण पुस्तक 'संसदीय संस्कृति का उत्कर्ष-नवाचारों के 2 वर्ष' और विधानसभा की नई दैनंदिनी (डायरी) सप्रेम भेंट की।
देवनानी की उपराष्ट्रपति से मुलाकात: राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने उपराष्ट्रपति से की शिष्टाचार भेंट, भेंट की ऐतिहासिक डायरी
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन से मुलाकात कर उन्हें विधानसभा की विशेष डायरी और पुस्तक भेंट की। इस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई को श्रद्धांजलि भी दी।
HIGHLIGHTS
- विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन से शिष्टाचार भेंट की।
- उपराष्ट्रपति को 'संसदीय संस्कृति का उत्कर्ष-नवाचारों के 2 वर्ष' पुस्तक भेंट की गई।
- विधानसभा डायरी में सरदार पटेल, नेहरू और वाजपेयी की ऐतिहासिक तस्वीरें शामिल हैं।
- देवनानी ने पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई की पुण्यतिथि पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
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ऐतिहासिक पलों का संग्रह
देवनानी ने उपराष्ट्रपति को बताया कि इस डायरी में राजस्थान के गठन से लेकर वर्तमान विधानसभा तक की विभिन्न गतिविधियों के दुर्लभ चित्रों को प्रकाशित किया गया है। इसमें सरदार पटेल द्वारा जयपुर के महाराजा मानसिंह को शपथ दिलाने के ऐतिहासिक पल भी दर्ज हैं। डायरी में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा राज्य विधानसभा के सदस्यों को संबोधित किए जाने जैसी महत्वपूर्ण घटनाओं के चित्र भी शामिल किए गए हैं।
नई परंपरा की शुरुआत
विधानसभा अध्यक्ष ने जानकारी दी कि उनके कार्यभार संभालने के बाद भारतीय नव वर्ष चैत्र प्रतिपदा से पुस्तक और डायरी प्रकाशित करने की एक नई गौरवशाली परंपरा शुरू की गई है। इस मुलाकात के दौरान केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और इंदौर सांसद शंकर लालवानी भी मौजूद रहे।
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मोरारजी देसाई को श्रद्धांजलि
अंत में, देवनानी ने पूर्व प्रधानमंत्री 'भारत रत्न' मोरारजी देसाई की पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया। उन्होंने उपराष्ट्रपति भवन में पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को नमन किया।