राजनीति

राजे के सामने महिला मोर्चा का हंगामा: राजस्थान: बांसवाड़ा में वसुंधरा राजे के सामने भाजपा महिला मोर्चा का हाई-वोल्टेज ड्रामा, जमीन पर बैठीं शीतल भंडारी

बलजीत सिंह शेखावत · 09 अप्रैल 2026, 11:26 दोपहर
राजस्थान के बांसवाड़ा में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के स्वागत कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष शीतल भंडारी ने मंच पर जगह न मिलने पर विरोध जताया। उन्होंने जमीन पर बैठकर अपनी नाराजगी व्यक्त की, जिसके बाद राजे को स्वयं हस्तक्षेप करना पड़ा।

बांसवाड़ा | राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की बांसवाड़ा यात्रा के दौरान एक अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आया है। उदयपुर रोड स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित स्वागत समारोह में भारी हंगामा देखने को मिला।

महिला मोर्चा का हाई-वोल्टेज ड्रामा

समारोह के बीच भाजपा जिला महिला मोर्चा की अध्यक्ष शीतल भंडारी अचानक नाराज हो गईं। उनकी नाराजगी इतनी बढ़ गई कि वह विरोध स्वरूप कार्यक्रम स्थल पर ही जमीन पर बैठ गईं।शीतल भंडारी का आरोप था कि संगठन में वरिष्ठ महिला कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने मंच पर उचित स्थान न मिलने को अपना और अन्य कार्यकर्ताओं का अपमान बताया।

जिला अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल

इस दौरान भंडारी ने भाजपा जिला अध्यक्ष पूंजीलाल गायरी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन में निष्ठावान कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया जा रहा है।देखते ही देखते शीतल भंडारी के समर्थन में कई अन्य महिला कार्यकर्ता भी मंच के नीचे जमीन पर बैठ गईं। इससे पूरे कार्यक्रम में असहज स्थिति पैदा हो गई और अफरा-तफरी मच गई।

वसुंधरा राजे का हस्तक्षेप

मामला बिगड़ता देख पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने खुद कमान संभाली। उन्होंने मंच से उतरकर नाराज महिला कार्यकर्ताओं के पास जाकर उनसे बात की और स्थिति को नियंत्रित किया।राजे ने काफी देर तक शीतल भंडारी और अन्य महिलाओं को समझाइश दी। उनके हस्तक्षेप के बाद ही कार्यकर्ता शांत हुए, हालांकि माहौल में तनाव काफी देर तक बना रहा।

कार्यकर्ताओं द्वारा कार्यक्रम का बहिष्कार

समझाने के बावजूद महिला मोर्चा की कुछ कार्यकर्ताओं में रोष कम नहीं हुआ। नाराजगी के चलते कुछ महिलाओं ने कार्यक्रम का बीच में ही बहिष्कार कर दिया और वहां से चली गईं।इस पूरी घटना को राजस्थान भाजपा के भीतर चल रही आंतरिक गुटबाजी के रूप में देखा जा रहा है। वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में इस तरह का विरोध चर्चा का विषय बना हुआ है।

शीतल भंडारी का बाद में बयान

कार्यक्रम के समापन के बाद शीतल भंडारी ने मीडिया से बात करते हुए अपनी नाराजगी को कम बताया। हालांकि उन्होंने अपनी उपेक्षा की बात को दोहराया और संगठन में सुधार की मांग की।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों से पहले कार्यकर्ताओं का यह असंतोष पार्टी के लिए चिंता का विषय हो सकता है। संगठन को एकजुट रखना अब नेतृत्व के लिए चुनौती है।बांसवाड़ा की यह घटना सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है। लोग भाजपा के भीतर के इस कलह और वसुंधरा राजे के हस्तक्षेप पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

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