पाली | राजस्थान के पाली जिले के चांचोड़ी गांव में 'विकसित ग्राम-2026' अभियान के तहत रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना।
बुनियादी सुविधाओं पर जोर
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल, बिजली और सड़कों की खस्ताहाली जैसे मुद्दे उठाए। पशुपालन और चिकित्सा सेवाओं में सुधार की भी मांग की गई। मंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंत्री कुमावत ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को जनता के प्रति जवाबदेह बनने की हिदायत दी। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है।
2026 तक गांवों का कायाकल्प
राज्य सरकार का विजन गांवों को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाना है। 'विकसित ग्राम-2026' योजना के तहत हर गांव में शहरों जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि रात्रि चौपाल जैसे कार्यक्रम प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम करते हैं। उन्होंने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
हमारा लक्ष्य वर्ष 2026 तक हर गांव को विकसित बनाकर वहां की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना है। ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिकता है और प्रशासन को संवेदनशीलता से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस रात्रि चौपाल के माध्यम से सरकार की योजनाओं को सीधे जनता तक पहुँचाने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों ने मंत्री के इस कदम की सराहना की और उम्मीद जताई कि उनके गांव की सूरत जल्द ही बदलेगी। विकास की यह लहर प्रदेश के कोने-कोने तक पहुँच रही है।
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