माउंट आबू | दुर्गम पहाड़ियों में बसे उतरज गांव के ग्रामीणों ने बिजली पहुंचाने के लिए अनुकरणीय मिसाल पेश की है। गांव तक सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों ने डिस्ट्रीब्यूशन पैनल (डीपी) के हिस्सों को अपने कंधों पर उठाकर कई किलोमीटर पैदल पहाड़ी रास्ता तय किया और गांव तक पहुंचाया। इस सामूहिक श्रमदान से अब गांव में स्थायी और बेहतर बिजली आपूर्ति का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
उतरज गांव तक पहुंचने के लिए संकरे और कठिन पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में भारी विद्युत उपकरणों को वाहन से ले जाना संभव नहीं था। लंबे समय से डीपी गांव तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बना हुआ था।
ग्रामीणों ने जिम्मेदारी स्वयं उठाते हुए डीपी के हिस्सों को अलग-अलग किया और उन्हें कंधों पर रखकर पहाड़ चढ़ते हुए गांव तक पहुंचाया। सामूहिक प्रयास और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने वह कार्य कर दिखाया, जो वर्षों से अधूरा था।
गौरतलब है कि अब तक गांव में बिजली की जरूरतें सोलर पैनलों के माध्यम से पूरी की जा रही थीं, लेकिन बढ़ती मांग को देखते हुए स्थायी विद्युत व्यवस्था आवश्यक थी। इसी उद्देश्य से गांव में नया डिस्ट्रीब्यूशन पैनल स्थापित किया जा रहा है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से डीपी को गांव के निकटतम पहुंच मार्ग तक पहुंचाया गया, जबकि अंतिम दुर्गम पहाड़ी सफर ग्रामीणों ने स्वयं पूरा किया।
डीपी स्थापित होने के बाद उतरज गांव को अधिक क्षमता के साथ नियमित और स्थिर बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। इससे ग्रामीणों के दैनिक जीवन, शिक्षा, कृषि और अन्य सुविधाओं में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।