जयपुर | उप-राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने जयपुर में आयोजित एक विशेष कैंसर जागरूकता कार्यक्रम में भाग लिया और लोगों को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जीतने के लिए केवल दवाइयां ही काफी नहीं हैं, बल्कि मानसिक शक्ति भी जरूरी है। इंसान को मानसिक रूप से बेहद मजबूत होना पड़ता है, तभी वह इस शारीरिक और मानसिक जंग को पूरी तरह से जीत सकता है। उन्होंने युवाओं को विशेष रूप से आगाह किया कि वे तंबाकू और नशीले पदार्थों से पूरी तरह दूरी बना लें, जो कैंसर का मुख्य कारण हैं।
कैंसर से जंग: मानसिक मजबूती है जरूरी: कैंसर से जीतना है तो मन को बनाएं मजबूत: उप-राष्ट्रपति
उप-राष्ट्रपति ने युवाओं को नशे से दूर रहने और मानसिक शक्ति बढ़ाने की सलाह दी।
HIGHLIGHTS
- उप-राष्ट्रपति ने कैंसर से लड़ने के लिए मानसिक मजबूती को सबसे अहम हथियार बताया।
- युवाओं से अपील की गई कि वे तंबाकू और नशीले पदार्थों से पूरी तरह दूरी बनाएं।
- आयुष्मान भारत योजना के तहत कैंसर रोगियों को 5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलता है।
- राज्यपाल ने रसायनिक उर्वरकों के बढ़ते उपयोग को कैंसर का बड़ा कारण बताया।
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नशे से दूरी और जागरूकता की नई मुहिम
उप-राष्ट्रपति ने कहा कि समाज में कैंसर के प्रति व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने की इस समय सबसे ज्यादा सख्त जरूरत है। आज के दौर में कैंसर के इलाज की तकनीकें तेजी से बदल रही हैं और चिकित्सा विज्ञान ने इस क्षेत्र में काफी उन्नति कर ली है। अब कीमोथेरेपी जैसी दर्दनाक प्रक्रियाओं की जगह टेबलेट के जरिए उपचार की पहल की जा रही है, जो मरीजों के लिए सुखद है। यह आधुनिक बदलाव कैंसर रोगियों के लिए एक बड़ी राहत और उत्साहजनक खबर बनकर चिकित्सा जगत के सामने आया है। युवा पीढ़ी हमारे देश का भविष्य है और उन्हें तंबाकू के जाल से बचाना हमारी सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी और पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। नशा न केवल स्वास्थ्य खराब करता है बल्कि पूरे परिवार को आर्थिक और मानसिक रूप से पूरी तरह से तोड़कर रख देता है।
सरकारी योजनाओं से मिल रहा है मुफ्त इलाज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू की गई जन आरोग्य योजना आज देश के लाखों कैंसर मरीजों के लिए वरदान साबित हुई है। इस योजना के तहत कैंसर के उपचार के लिए प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है। इसमें सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी जैसे महंगे इलाज को भी पूरी तरह से शामिल किया गया है ताकि गरीब को बोझ न लगे। यह सुविधा देश के सभी सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में ब्रेस्ट, फेफड़े और मुंह के कैंसर के इलाज के लिए उपलब्ध है। गरीब मरीजों के इलाज के लिए सरकार एकमुश्त 15 लाख रुपये की सहायता राशि भी प्रदान करती है, जो एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत ग्रामीण इलाकों में कैंसर बचाव के लिए 75 प्रतिशत राशि खर्च की जा रही है, जो ग्रामीण स्वास्थ्य को सुधारेगी।
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"कैंसर से लड़ने और विजय प्राप्त करने के लिए मस्तिष्क से मजबूत रहना जरूरी है। युवाओं को नशे से दूर रहना चाहिए।"
कैंसर मुक्त राजस्थान का बड़ा संकल्प
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कार्यक्रम में टीबी मुक्त अभियान की तर्ज पर कैंसर मुक्त राजस्थान अभियान चलाने की पुरजोर वकालत की। उन्होंने बताया कि कोशिका तंत्र में विकार और आनुवांशिकी कारणों से भी कैंसर के कई गंभीर मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। राज्यपाल ने कहा कि तंबाकू, बीड़ी और सिगरेट पीने वालों में कैंसर होने का खतरा अन्य लोगों के मुकाबले काफी अधिक बना रहता है। उन्होंने सुझाव दिया कि जनजातीय क्षेत्रों में कैंसर के कम मामलों पर शोध किया जाना चाहिए ताकि इसके पीछे के कारणों को समझा जा सके। प्राकृतिक वातावरण और शुद्ध खान-पान हमारे शरीर को नई ऊर्जा प्रदान करता है और हमें कई तरह की गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखता है। आज के समय में खेती में रसायनिक उर्वरकों का बढ़ता प्रयोग और खान-पान में मिलावट कैंसर का एक बहुत बड़ा और मुख्य कारण है।
शुद्ध जल और केमिकल मुक्त उत्पादों की जरूरत
पानी में घुलने वाले हानिकारक केमिकल और रसायनों से आम जनता को बचाना आज के समय की सबसे बड़ी और अनिवार्य चुनौती है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों को शुद्ध पानी और केमिकल मुक्त खाद्य उत्पाद आसानी से मिल सकें ताकि वे स्वस्थ रहें। राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने भी राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और नए प्रयासों पर विस्तार से जोर दिया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार कैंसर जागरूकता के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और अस्पतालों में आधुनिक तकनीक बढ़ा रही है। सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए उप-राष्ट्रपति ने इसके टीकाकरण और समय पर जांच कराने पर विशेष बल दिया। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर इस दिशा में प्रभावी कदम उठा रही हैं ताकि देश की महिलाओं को इस बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके। राजस्थान आज कैंसर से लड़कर ठीक होने वाले लोगों की संख्या के मामले में देश के अग्रणी राज्यों की सूची में अपनी जगह बना चुका है। कैंसर सर्वाइवर्स समाज के लिए प्रेरणा के असली स्रोत हैं और उनकी संघर्ष की कहानियां दूसरों को जीवन के प्रति नई हिम्मत प्रदान करती हैं। अंत में, चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नए अनुसन्धानों और सरकारी मदद से कैंसर पर जीत पाना अब पूरी तरह से मुमकिन हो गया है। बस जरूरत है तो सही समय पर जांच, सही जानकारी और नशे से दूर रहकर एक स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली को अपनाने की।
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