राजस्थान

जयपुर: पशु चिकित्सा दिवस पर बड़ा कार्यक्रम: जयपुर: विश्व पशु चिकित्सा दिवस पर पशुपालकों को मिली बड़ी सौगात

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 26 अप्रैल 2026, 11:10 दोपहर
पशुपालन मंत्री ने मोबाइल वेटनरी वैन और बीमा योजनाओं के जरिए पशुधन सुरक्षा पर दिया जोर।

जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर में विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर स्नातकोत्तर पशुचिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईवीईआर) में एक भव्य कार्यक्रम हुआ।

इस समारोह में पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और राज्य के पशु चिकित्सकों के अतुलनीय योगदान की जमकर सराहना की।

पशुपालकों के लिए सरकार की नई सौगातें

मंत्री कुमावत ने कहा कि राज्य सरकार ने पशु चिकित्सा सेवाओं को ग्रामीण स्तर तक सुलभ बनाने के लिए कई नए चिकित्सालय खोले हैं और अस्पतालों का क्रमोन्नयन किया है।

उन्होंने बताया कि अब पशुपालकों के द्वार पर ही इलाज उपलब्ध कराने के लिए 'मोबाइल वेटनरी वैन' सेवा को और भी अधिक सशक्त और प्रभावी बनाया जा रहा है।

पशुपालकों की आर्थिक उन्नति के लिए 'गोपालक कार्ड', 'मंगला पशु बीमा योजना' और 'सेक्स सॉर्टेड सीमन' जैसी आधुनिक योजनाएं सफलतापूर्वक जमीन पर उतारी जा रही हैं।

पशु टीकाकरण कार्यक्रम को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार बीमारियों की रोकथाम के लिए पूरी तरह गंभीर है ताकि पशुपालकों को किसी भी प्रकार का नुकसान न उठाना पड़े।

"पशु चिकित्सक न केवल बेजुबानों का इलाज करते हैं, बल्कि वे मानव स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में भी एक महत्वपूर्ण स्तंभ की तरह कार्य करते हैं।"

अर्थव्यवस्था में पशुपालन का बड़ा योगदान

राजुवास के कुलगुरु प्रो. त्रिभुवन शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पोषण सुरक्षा में पशुपालन क्षेत्र का योगदान सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।

पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश चन्द मीना ने जोर दिया कि एक स्वस्थ पशुधन ही एक स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र की असली बुनियाद होता है।

इस विशेष अवसर पर संस्थान के दो सेवानिवृत आचार्यों, प्रो. जी.सी. गहलोत और प्रो. सुनन्दा शर्मा को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित भी किया गया।

साथ ही, राजुवास के नवीनतम न्यूज लेटर का विमोचन किया गया और तकनीकी सेमिनार में “पशु चिकित्सक- भोजन और स्वास्थ्य के संरक्षक” विषय पर गहन चर्चा की गई।

निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता

पीजीआईवीईआर संस्थान द्वारा इस उपलक्ष्य में निःशुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण, सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण और पशु बांझपन निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जिससे स्थानीय लोगों को लाभ मिला।

विद्यार्थियों के बीच पोस्टर प्रतियोगिता और ऑनलाइन क्विज का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य नई पीढ़ी को पशु संरक्षण और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।

संस्थान के अधिष्ठाता प्रो. धर्म सिंह मीना ने पशु चिकित्सा के गौरवशाली इतिहास और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार व्यक्त कर उपस्थित जनसमूह को प्रेरित किया।

यह आयोजन न केवल पशु चिकित्सकों को सम्मानित करने का माध्यम बना, बल्कि पशुपालकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने में भी सफल रहा है।

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