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राजनीति

आबूरोड वार्ड 23 में चुनावी विवाद: निर्दलीय प्रत्याशी ने भाजपा प्रत्याशी पर घर में घुसने और दबाव बनाने का आरोप लगाया

गणपत सिंह मांडोली

आबूरोड नगरपालिका चुनाव के बीच वार्ड 23 की निर्दलीय प्रत्याशी जेलू कालबेलिया ने भाजपा प्रत्याशी भावना अग्रवाल और उनके साथ आए कार्यकर्ताओं के खिलाफ निर्वाचन अधिकारियों को लिखित शिकायत दी है।

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HIGHLIGHTS

  • वार्ड 23 की निर्दलीय प्रत्याशी जेलू कालबेलिया ने निर्वाचन अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपी।भाजपा प्रत्याशी और कार्यकर्ताओं पर जबरन घर में प्रवेश करने एवं वीडियो बनाने का आरोप।भाजपा का पट्टा पहनाकर समर्थन का दबाव बनाने और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का दावा।शिकायत की प्रतिलिपि राज्य निर्वाचन आयोग, जयपुर को भी भेजी गई।आरोपों की अभी स्वतंत्र या प्रशासनिक पुष्टि नहीं हुई है और भाजपा प्रत्याशी का पक्ष आना बाकी है।
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आबूरोड, सिरोही | राजस्थान नगरपालिका आम चुनाव 2026 के बीच आबूरोड नगरपालिका के वार्ड संख्या 23 से चुनावी दबाव और कथित दुर्व्यवहार से जुड़ी एक गंभीर शिकायत सामने आई है। वार्ड की निर्दलीय प्रत्याशी श्रीमती जेलू कालबेलिया ने भाजपा प्रत्याशी श्रीमती भावना अग्रवाल और उनके साथ आए कार्यकर्ताओं के खिलाफ जिला निर्वाचन अधिकारी सिरोही सहित संबंधित निर्वाचन अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपी है।

निर्वाचन अधिकारियों को सौंपी शिकायत

जेलू कालबेलिया पत्नी मूलाराम कालबेलिया, निवासी करोई फला, वार्ड संख्या 23 ने 7 सितंबर 2026 को जिला निर्वाचन अधिकारी सिरोही, सहायक रिटर्निंग एवं निर्वाचन अधिकारी आबूरोड तथा उपायुक्त नगरपालिका निर्वाचन एवं तहसीलदार आबूरोड को शिकायत दी है। इसकी प्रतिलिपि राज्य निर्वाचन आयोग, जयपुर को भी भेजी गई है।

शिकायतकर्ता ने स्वयं को अनुसूचित जाति की महिला बताते हुए कहा है कि वह वार्ड संख्या 23 से निर्दलीय प्रत्याशी हैं। उनका आरोप है कि इसी वार्ड से भाजपा प्रत्याशी भावना अग्रवाल कथित रूप से धन और प्रभाव के आधार पर मतदाताओं को प्रलोभन देकर चुनावी नियमों के विपरीत प्रचार कर रही हैं। इस आरोप की भी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

घर में जबरन प्रवेश करने का आरोप

शिकायत में दर्ज घटनाक्रम के अनुसार, 6 सितंबर 2026 की रात करीब 8 बजे जेलू कालबेलिया चुनाव प्रचार के बाद अपने घर लौटी थीं। उस समय घर में उनके साथ केवल उनकी वृद्ध सास मौजूद थीं।

आरोप है कि इसी दौरान भावना अग्रवाल कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ नारेबाजी करते हुए उनके घर पहुंचीं और भीतर प्रवेश करने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने इसका विरोध किया, लेकिन उनके मना करने के बावजूद संबंधित लोग कथित रूप से घर में घुस गए।

भाजपा का पट्टा पहनाकर वीडियो बनाने का दावा

जेलू कालबेलिया ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके और उनकी वृद्ध सास के गले में भाजपा के चुनाव चिह्न वाला पट्टा अथवा स्कार्फ जबरन डाल दिया गया। इसके बाद कथित रूप से भाजपा प्रत्याशी को समर्थन देने का दबाव बनाया गया और वहां मौजूद लोगों ने परिवार की अनुमति के बिना वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।

शिकायतकर्ता का दावा है कि विरोध करने पर भावना अग्रवाल और उनके साथ आए कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि समर्थन नहीं देने पर रिकॉर्ड किए गए वीडियो को सोशल मीडिया और समाचार चैनलों पर प्रसारित करने की धमकी दी गई, ताकि मतदाताओं के बीच उनके राजनीतिक समर्थन को लेकर भ्रम पैदा किया जा सके।

आचार संहिता के तहत कार्रवाई की मांग

निर्दलीय प्रत्याशी ने इस कथित घटनाक्रम को चुनाव नियमों और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए निर्वाचन अधिकारियों से तत्काल जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। अब यह देखना होगा कि निर्वाचन प्रशासन शिकायत पर क्या निर्णय लेता है और आरोपों की जांच के लिए कौन-से कदम उठाए जाते हैं।

कालबेलिया समुदाय की महिला का चुनाव लड़ना क्यों महत्वपूर्ण?

इस चुनावी विवाद के साथ प्रतिनिधित्व का एक महत्वपूर्ण पहलू भी जुड़ा है। कालबेलिया समुदाय राजस्थान के पारंपरिक घुमंतू और सामाजिक-आर्थिक रूप से हाशिए पर रहे समुदायों में गिना जाता है। यह समुदाय अपनी विशिष्ट लोकनृत्य और संगीत परंपरा के लिए विश्वभर में पहचाना जाता है। कालबेलिया लोकगीत एवं नृत्य को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में भी स्थान मिला हुआ है।

आर्थिक चुनौतियों, सीमित राजनीतिक प्रतिनिधित्व और मुख्यधारा के राजनीतिक संगठनों से दूरी के कारण इस समुदाय के प्रत्याशी स्थानीय निकाय एवं पंचायत चुनावों में अपेक्षाकृत कम दिखाई देते हैं। ऐसे में जेलू कालबेलिया का वार्ड 23 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ना स्थानीय राजनीति में हाशिए के समुदाय की भागीदारी के लिहाज से उल्लेखनीय माना जा सकता है।

यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह मामला केवल आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन तक सीमित नहीं रहेगा। इससे यह प्रश्न भी उठेगा कि सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर समुदाय की किसी महिला को चुनावी राजनीति में उतरने पर किस प्रकार के कथित दबाव अथवा प्रतिरोध का सामना करना पड़ता है।

भाजपा प्रत्याशी का पक्ष आना बाकी

समाचार तैयार किए जाने तक भावना अग्रवाल अथवा भाजपा की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी सिरोही और उपखंड स्तर के निर्वाचन अधिकारियों की ओर से शिकायत पर किसी जांच या कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी भी सामने नहीं आई है।

मामले की निष्पक्ष तस्वीर प्रशासनिक जांच, उपलब्ध वीडियो की सत्यता, घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान और दोनों पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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