नई दिल्ली | अगर आप आने वाले दिनों में एअर इंडिया से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी जेब थोड़ी और ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए। टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज में भारी बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। यह नया नियम कल यानी 8 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएगा। ग्लोबल मार्केट में विमान ईंधन यानी एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में आई भारी तेजी को इस फैसले की मुख्य वजह बताया जा रहा है।
एअर इंडिया का सफर हुआ महंगा: एअर इंडिया की उड़ानों के बढ़े दाम: घरेलू यात्रा पर ₹899 और विदेश जाने पर ₹23,000 तक का अतिरिक्त बोझ, जानें नए रेट्स
एअर इंडिया ने विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें महंगी हो गई हैं। यह नया नियम 8 अप्रैल से लागू होगा।
HIGHLIGHTS
- एअर इंडिया की घरेलू उड़ानों पर ₹299 से ₹899 तक का फ्यूल सरचार्ज लगेगा।
- विदेशी रूट्स जैसे अमेरिका और कनाडा के लिए ₹23,000 तक अतिरिक्त चुकाने होंगे।
- नई दरें 8 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी, जो जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों का नतीजा हैं।
- विमान ईंधन की औसत कीमत $99.40 से बढ़कर $195.19 प्रति बैरल पहुंच गई है।
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क्यों बढ़े हवाई टिकट के दाम?
एयरलाइन के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में जेट फ्यूल की कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं। फरवरी के अंत में जो ईंधन 99.40 डॉलर प्रति बैरल था, उसकी औसत कीमत अब 195.19 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। इतनी बड़ी बढ़ोतरी के कारण एयरलाइंस की परिचालन लागत यानी ऑपरेटिंग खर्च काफी बढ़ गया है। एअर इंडिया से पहले इंडिगो भी अपने यात्रियों पर फ्यूल सरचार्ज का बोझ डाल चुकी है।
घरेलू रूट्स पर अब कितना लगेगा चार्ज?
एअर इंडिया ने अब घरेलू उड़ानों के लिए फ्लैट सरचार्ज सिस्टम को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब यात्रियों को उनकी यात्रा की दूरी के हिसाब से पैसे देने होंगे। छोटे रूट्स के लिए यह सरचार्ज ₹299 से शुरू होगा। वहीं, लंबी दूरी की घरेलू उड़ानों के लिए यात्रियों को ₹899 तक अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं। यह नियम एअर इंडिया एक्सप्रेस पर भी लागू होगा।
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विदेश जाना भी हुआ बहुत महंगा
अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर सफर करने वालों के लिए यह खबर और भी ज्यादा झटके वाली है। सार्क देशों (पड़ोसी देशों) के लिए फ्यूल सरचार्ज 24 डॉलर से शुरू होगा। वहीं, अगर आप अमेरिका, कनाडा या ऑस्ट्रेलिया जैसे लंबी दूरी के देशों में जा रहे हैं, तो आपको करीब 280 डॉलर यानी लगभग ₹23,000 ज्यादा खर्च करने होंगे।
विभिन्न देशों के लिए नए रेट्स
सिंगापुर जाने के लिए अब यात्रियों को 60 डॉलर अतिरिक्त देने होंगे। वहीं पश्चिम एशिया के देशों के लिए 50 डॉलर और साउथ ईस्ट एशिया के लिए 100 डॉलर का सरचार्ज तय किया गया है। अफ्रीका जाने वालों को 130 डॉलर और यूरोप या यूके की यात्रा करने वालों को 205 डॉलर का अतिरिक्त भुगतान करना होगा। यह कीमतें सीधे तौर पर आपकी टिकट बुकिंग के समय जोड़ दी जाएंगी।
क्या कहती है एयरलाइन?
कंपनी का कहना है कि वे ईंधन की लागत का पूरा बोझ यात्रियों पर नहीं डाल रहे हैं। कच्चे तेल के साथ-साथ रिफाइनिंग मार्जिन बढ़ने से भी लागत में इजाफा हुआ है। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि वे समय-समय पर बाजार की स्थितियों की समीक्षा करेंगे। अगर भविष्य में तेल की कीमतें कम होती हैं, तो इस सरचार्ज को घटाया भी जा सकता है।
विमानन क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती
किसी भी एयरलाइन के लिए जेट फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी 30% से 40% तक होती है। यही कारण है कि दुनिया भर की एयरलाइंस अब अपने वित्तीय अनुमानों को बदल रही हैं। ईंधन की कीमतों में यह अस्थिरता आने वाले समय में हवाई यात्रा को और भी महंगा बना सकती है।
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