मुंबई | बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' कहे जाने वाले सुपरस्टार अक्षय कुमार आज मनोरंजन जगत के सबसे सफल और अमीर अभिनेताओं में से एक माने जाते हैं। अक्षय कुमार की हर साल कई फिल्में रिलीज होती हैं और वह अपनी एक फिल्म के लिए करोड़ों रुपये की भारी-भरकम फीस वसूलते हैं।
अक्षय कुमार की सफलता और उनकी अपार संपत्ति को देखकर हर किसी को यही लगता है कि उनके बच्चे भी इसी आलीशान दुनिया का हिस्सा बनेंगे। लेकिन अक्षय कुमार के बड़े बेटे आरव भाटिया ने एक ऐसा रास्ता चुना है, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है।
हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान अक्षय कुमार ने अपने बेटे आरव के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। अक्षय ने बताया कि उनका बेटा चकाचौंध भरी फिल्मी दुनिया से दूर अपनी एक अलग पहचान बनाने की कोशिश में जुटा हुआ है।
आरव भाटिया की ₹4500 वाली नौकरी: करोड़ों के वारिस अक्षय कुमार के बेटे आरव भाटिया कर रहे हैं सिर्फ 4500 रुपये की नौकरी, गांव-गांव जाकर सीख रहे हैं फैशन के गुर
अक्षय कुमार ने हाल ही में खुलासा किया कि उनके बेटे आरव भाटिया को फिल्मों में कोई दिलचस्पी नहीं है। वह फैशन की दुनिया में अपना करियर बनाना चाहते हैं और फिलहाल 4500 रुपये की नौकरी कर रहे हैं।
HIGHLIGHTS
- अक्षय कुमार के बेटे आरव भाटिया ने फिल्मों के बजाय फैशन की दुनिया को अपने करियर के रूप में चुना है।
- आरव फिलहाल मात्र 4500 रुपये की मासिक नौकरी कर रहे हैं ताकि वह जमीनी स्तर से काम सीख सकें।
- वह फैशन और डिजाइनिंग की बारीकियां सीखने के लिए भारत के विभिन्न गांवों का दौरा कर रहे हैं।
- अक्षय कुमार ने बताया कि आरव को लाइमलाइट से दूर रहना पसंद है और वह अपने नाना राजेश खन्ना की तरह दिखते हैं।
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आरव भाटिया का फिल्मी दुनिया से किनारा
अक्षय कुमार ने इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि आरव को एक्टिंग या फिल्मों में आने में रत्ती भर भी दिलचस्पी नहीं है। जहां अन्य स्टार किड्स डेब्यू की तैयारी करते हैं, वहीं आरव ने कैमरे के सामने आने से साफ मना कर दिया है।
अक्षय कुमार के अनुसार, आरव का झुकाव शुरू से ही कला और रचनात्मकता की ओर रहा है। वह अपनी जिंदगी को अपनी शर्तों पर जीना पसंद करते हैं। उन्हें लाइमलाइट और मीडिया के कैमरों से दूर रहना ही सबसे ज्यादा पसंद है।
अक्षय ने बताया कि उन्होंने कभी भी अपने बच्चों पर किसी खास करियर को चुनने का दबाव नहीं डाला है। उन्होंने हमेशा आरव को वह करने की आजादी दी है, जो उन्हें खुशी देता है। और आरव ने फैशन की दुनिया को चुना है।
सिर्फ 4500 रुपये की नौकरी और संघर्ष
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि करोड़ों की संपत्ति के वारिस होने के बावजूद आरव भाटिया जमीन से जुड़े रहकर काम सीख रहे हैं। अक्षय कुमार ने खुलासा किया कि उनका बेटा फिलहाल 4500 रुपये की एक मामूली नौकरी कर रहा है।
आरव इस समय फैशन जगत के बेसिक लेवल पर काम कर रहे हैं। वह किसी बड़े पद या लग्जरी ऑफिस के बजाय फील्ड पर रहकर काम करना पसंद कर रहे हैं। अक्षय का कहना है कि यह उनके बेटे की मेहनत और लगन का प्रमाण है।
4500 रुपये की यह नौकरी आरव के लिए पैसे कमाने का जरिया नहीं, बल्कि सीखने का एक माध्यम है। अक्षय कुमार इस बात से बेहद खुश हैं कि उनका बेटा अपनी मेहनत से अपनी पहचान बनाना चाहता है और शॉर्टकट नहीं अपना रहा।
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गांव-गांव जाकर सीख रहे हैं फैशन के गुर
आरव भाटिया का फैशन के प्रति जुनून इतना गहरा है कि वह भारत की पारंपरिक कला को समझने के लिए गांवों का दौरा कर रहे हैं। अक्षय ने बताया कि आरव ग्रामीण इलाकों में जाकर वहां के स्थानीय प्रिंट्स और कपड़ों के बारे में जानकारी जुटाते हैं।
वह गांव के कारीगरों के साथ समय बिताते हैं और यह समझने की कोशिश करते हैं कि पारंपरिक भारतीय परिधान कैसे तैयार किए जाते हैं। आरव का मानना है कि फैशन की असली जड़ें भारत की मिट्टी और यहां की लोक कला में बसी हुई हैं।
वह अलग-अलग तरह के प्रिंट्स, बुनाई की तकनीक और कपड़ों की गुणवत्ता पर शोध कर रहे हैं। एक स्टार किड के लिए गांवों की धूल फांकना और वहां काम सीखना वाकई में एक प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है।
अक्षय कुमार का अनोखा पेरेंटिंग स्टाइल
अक्षय कुमार ने अपनी पेरेंटिंग के बारे में भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि वह अपने बच्चों को ज्यादा लेक्चर देना पसंद नहीं करते। उनका मानना है कि बच्चों को अपनी गलतियों से खुद सीखना चाहिए और अपनी राह खुद बनानी चाहिए।
अक्षय ने कहा, "मैं बस अपने बेटे से एक ही बात कहता हूं कि कभी किसी को नुकसान मत पहुंचाओ। किसी का दिल मत दुखाओ। इसके अलावा अपनी जिंदगी को कैसे संभालना है, यह पूरी तरह से तुम्हारा अपना फैसला है।"
अक्षय कुमार और उनकी पत्नी ट्विंकल खन्ना ने हमेशा अपने बच्चों को सादगी और अनुशासन का पाठ पढ़ाया है। यही कारण है कि आरव आज इतने बड़े स्टार के बेटे होने के बाद भी एक साधारण युवक की तरह मेहनत कर रहे हैं।
नाना राजेश खन्ना की झलक और फैंस की दीवानगी
आरव भाटिया भले ही फिल्मों से दूर रहना चाहते हों, लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता किसी सुपरस्टार से कम नहीं है। हाल ही में जब उन्हें अपने माता-पिता के साथ सार्वजनिक रूप से देखा गया, तो फैंस उनके लुक के दीवाने हो गए।
कई सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि आरव अपने नाना और बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना की हूबहू कॉपी लगते हैं। उनकी आंखों और मुस्कान में राजेश खन्ना जैसी ही कशिश नजर आती है, जिसने लाखों दिलों को जीता था।
फैंस अक्सर कमेंट्स में यह इच्छा जताते हैं कि आरव को कम से कम एक फिल्म तो जरूर करनी चाहिए। हालांकि, आरव के इरादे एकदम साफ हैं। वह पर्दे के पीछे रहकर फैशन डिजाइनिंग में अपना नाम रोशन करना चाहते हैं।
विदेश में कर रहे हैं फैशन की पढ़ाई
आरव भाटिया फिलहाल विदेश में फैशन और डिजाइनिंग से संबंधित कोर्स कर रहे हैं। वह अपनी पढ़ाई को लेकर बहुत गंभीर हैं और वहां भी एक सामान्य छात्र की तरह ही जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
अक्षय कुमार ने बताया कि आरव को फिजूलखर्ची बिल्कुल पसंद नहीं है। वह अपनी जरूरतों के लिए खुद पैसे कमाना चाहते हैं। यही वजह है कि वह पढ़ाई के साथ-साथ छोटी-मोटी नौकरियां करके अनुभव हासिल कर रहे हैं।
अक्षय कुमार को अपने बेटे के इस स्वाभिमानी स्वभाव पर गर्व है। वह अक्सर अपने इंटरव्यू में आरव की सादगी का जिक्र करते हैं। आरव का यह कदम बॉलीवुड में नेपोटिज्म की बहस के बीच एक नई मिसाल पेश कर रहा है।
नेपोटिज्म की बहस और आरव का चुनाव
बॉलीवुड में अक्सर भाई-भतीजावाद या नेपोटिज्म को लेकर तीखी बहस होती रहती है। आलोचकों का कहना होता है कि स्टार किड्स को सब कुछ थाली में सजाकर मिल जाता है। लेकिन आरव भाटिया ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है।
एक तरफ जहां कई स्टार किड्स अपनी पहली फिल्म के लिए करोड़ों का बजट और बड़े बैनर की तलाश में रहते हैं, वहीं आरव ने 4500 रुपये की नौकरी चुनकर यह साबित कर दिया है कि वह अपनी मेहनत पर भरोसा करते हैं।
आरव का यह फैसला उन लोगों के लिए एक करारा जवाब है जो मानते हैं कि स्टार किड्स संघर्ष नहीं करना चाहते। फैशन की दुनिया में उनका यह शुरुआती संघर्ष उन्हें भविष्य में एक बड़ा मुकाम हासिल करने में मदद करेगा।
आरव और अक्षय की समानताएं
अक्षय कुमार ने यह भी साझा किया कि आरव के कई गुण उनसे मिलते-जुलते हैं। अक्षय की तरह ही आरव भी अपनी सेहत को लेकर काफी सजग रहते हैं। वह नियमित रूप से व्यायाम करते हैं और एक अनुशासित जीवनशैली का पालन करते हैं।
आरव एक लंबे-चौड़े और फिट नौजवान हैं, जो अपने काम को लेकर बेहद फोकस्ड रहते हैं। अक्षय का कहना है कि आरव की एकाग्रता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। जब वह किसी काम को करने की ठान लेते हैं, तो उसे पूरा करके ही दम लेते हैं।
अक्षय कुमार खुद भी फिल्म इंडस्ट्री में बाहरी व्यक्ति के तौर पर आए थे और उन्होंने वेटर की नौकरी तक की थी। शायद यही वजह है कि वह अपने बेटे को भी संघर्ष की भट्टी में तपकर कुंदन बनते देखना चाहते हैं।
भविष्य की योजनाएं और फैशन ब्रांड
हालांकि अभी आरव सीख रहे हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वह भविष्य में अपना खुद का फैशन लेबल लॉन्च कर सकते हैं। उनका ध्यान भारतीय कला और आधुनिक फैशन के मेल पर केंद्रित है।
आरव चाहते हैं कि वह भारतीय कारीगरों के हुनर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाएं। उनकी 4500 रुपये की नौकरी और गांवों का दौरा इसी बड़े लक्ष्य की ओर एक छोटा सा कदम है।
अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना अपने बेटे के हर फैसले में उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। वे चाहते हैं कि आरव जो भी करें, उसमें वह सर्वश्रेष्ठ बनें और अपनी एक अलग पहचान स्थापित करें।
निष्कर्ष
आरव भाटिया की कहानी आज के युवाओं के लिए एक बड़ा सबक है। यह हमें सिखाती है कि चाहे आप कितने भी अमीर या प्रभावशाली परिवार से क्यों न हों, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।
जमीनी स्तर पर काम करना और अपनी जड़ों से जुड़े रहना ही असली प्रगति है। अक्षय कुमार के बेटे ने यह साबित कर दिया है कि वह केवल एक 'स्टार किड' नहीं हैं, बल्कि एक स्वाभिमानी और मेहनती इंसान हैं।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि आरव भाटिया फैशन की दुनिया में क्या कमाल दिखाते हैं। लेकिन फिलहाल, उनकी 4500 रुपये की नौकरी और उनके संघर्ष की कहानी सोशल मीडिया पर छाई हुई है।
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